ऐतिहासिक गिरावट के बाद फिर चमका सोना-चांदी, कीमतों में आई तूफानी तेजी—जानें आज के ताजा भाव!

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ऐतिहासिक गिरावट के बाद रॉकेट बनी सोने-चांदी की कीमतें, जानिए क्या है नया रेट?

सोना-चांदी में तूफानी रिकवरी: 4 दिन के ‘क्रैश’ के बाद बाजार ने ली अंगड़ाई, क्या फिर बनेंगे नए रिकॉर्ड?

बुधवार को भी सोना-चांदी की कीमतों में दमदार उछाल देखने को मिला। मंगलवार को जहां चांदी 2,68,015 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, वहीं बुधवार को इसका भाव बढ़कर 2,84,094 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया।

बीते कुछ दिनों में सोना और चांदी के बाजार ने निवेशकों को हैरत में डाल दिया है। जहां हाल ही में दोनों की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट ने हलचल पैदा की थी, वहीं अब तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आ रही है। चार दिन तक लगातार टूटने के बाद सोना और चांदी ने ऐसी जोरदार वापसी की है कि बाजार में फिर से ‘सुपर तेजी’ की चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह है कि इस रिकवरी को लेकर अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट और बड़ी निवेश संस्थाएं भी बेहद पॉजिटिव संकेत दे रही हैं और आने वाले महीनों में नए रिकॉर्ड बनने की संभावना जता रही हैं।

29 जनवरी के शिखर से शुरू हुई थी गिरावट
बीते 29 जनवरी को सोना और चांदी अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंचे थे। इसी दिन चांदी की कीमत 4,20,048 रुपये प्रति किलो तक चली गई थी, जबकि सोना 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया था। लेकिन इस ऊंचाई को छूने के बाद अचानक मुनाफावसूली और बाजार के दबाव ने कीमतों को नीचे धकेल दिया। इसके बाद लगातार चार कारोबारी दिनों तक बाजार में ‘ब्लैक डे’ जैसा माहौल रहा। चांदी लुढ़ककर करीब 2.25 लाख रुपये प्रति किलो के पास आ गई, जबकि सोना भी टूटकर करीब 1.37 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक फिसल गया।

चार दिन की गिरावट के बाद कैसे पलटा ट्रेंड?
चार दिन के इस भारी क्रैश के बाद बाजार ने स्थिरता पकड़ी और यहीं से एक जबरदस्त ‘यू-टर्न’ देखने को मिला। बीते दो दिनों में सोना और चांदी दोनों ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि सब देखते रह गए। इन दो दिनों के भीतर ही सोने की कीमत करीब 24,000 रुपये चढ़ गई, जबकि चांदी लगभग 60,000 रुपये तक महंगी हो चुकी है। इस तेजी ने साफ कर दिया कि निचले स्तरों पर खरीदारी फिर से लौट आई है और निवेशकों का भरोसा डिगा नहीं है।

बुधवार को भी जारी रही कीमतों की ‘दौड़’
बुधवार को भी सर्राफा बाजार में रौनक बरकरार रही। मंगलवार को जहां चांदी 2,68,015 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, वहीं बुधवार को इसका भाव उछलकर 2,84,094 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। इसी तरह सोना भी मंगलवार के 1,53,809 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से चढ़कर बुधवार को 1,60,755 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि निवेशक एक बार फिर कीमती धातुओं को सुरक्षित निवेश मानकर पैसा लगा रहे हैं।

UBS की भविष्यवाणी: क्यों हालिया गिरावट थी अस्थायी?
दिग्गज अंतरराष्ट्रीय निवेश बैंक UBS ने हाल की गिरावट को गंभीर तो माना है, लेकिन इसे ‘तेजी के दौर का अंत’ मानने से इनकार कर दिया है। UBS के मुताबिक, यह गिरावट पिछले 13 वर्षों में एक दिन में आने वाली सबसे बड़ी गिरावटों में से एक थी, लेकिन इससे सोने के लॉन्ग टर्म ट्रेंड पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है। बैंक का कहना है कि स्पॉट गोल्ड अपने निचले स्तर से लगभग 5 फीसदी रिकवर कर चुका है, जबकि चांदी में 8 फीसदी की तेजी आई है। UBS ने स्पष्ट किया कि समय-समय पर आने वाली ऐसी तेज गिरावटें बुल मार्केट को खत्म नहीं करतीं।

क्या $6,200 तक जा सकता है सोना?
UBS गोल्ड को लेकर अब भी काफी उत्साहित है। रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जनवरी तक इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड करीब 4,894 डॉलर प्रति औंस पर था, जो पहले 5,000 डॉलर का स्तर भी पार कर चुका था। UBS का अनुमान है कि आने वाले महीनों (जून या जुलाई तक) में सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। यह मौजूदा स्तर से करीब 27 फीसदी की भारी बढ़त होगी। यही वजह है कि गोल्ड को अब भी ‘आकर्षक’ निवेश की श्रेणी में रखा गया है।

गिरावट नहीं, यह खरीदारी का सुनहरा मौका था!
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी का मानना है कि हालिया गिरावट शॉर्ट टर्म कारणों से आई थी और इसका दीर्घकालिक रुझान से कोई सीधा संबंध नहीं है। वहीं, ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी के अनुसार, जब बाजार मजबूत तेजी के दौर में होता है, तो ऐसी अस्थिरता सामान्य बात है। उन्होंने कहा कि लॉन्ग टर्म आउटलुक अभी भी पॉजिटिव है और हाल की गिरावट को समझदार निवेशकों ने खरीदारी के एक बेहतरीन अवसर के रूप में देखा है।

आगे क्या है बाजार का इशारा?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि भले ही आने वाले दिनों में कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव बना रहे, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई कारण नहीं दिखता जो सोने-चांदी के रथ को रोक सके। UBS ने भी साफ किया है कि जब तक केंद्रीय बैंक अपनी नई मौद्रिक नीतियों को लेकर पूरी तरह स्पष्ट नहीं होते, तब तक गोल्ड की चमक फीकी नहीं पड़ेगी। चार दिन के भारी क्रैश के बाद जिस मजबूती से बाजार लौटा है, उसने संकेत दे दिया है कि निवेशकों की निगाहें अब फिर से नए रिकॉर्ड स्तरों पर टिक गई हैं।


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