पीएम गति शक्ति: भारत के लॉजिस्टिक्स में क्रांति, लागत में भारी कमी
नई दिल्ली: भारत के बुनियादी ढांचे को नया रूप देने और लॉजिस्टिक्स दक्षता में अभूतपूर्व सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू किया गया, सरकार का महत्वाकांक्षी पीएम गति शक्ति मिशन अब देश के हर क्षेत्र में अपना सकारात्मक प्रभाव दिखाना शुरू कर चुका है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को भारत मंडपम में पीएम गति शक्ति की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक समारोह में यह घोषणा की।
गोयल ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जो लॉजिस्टिक्स लागत भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए लंबे समय से एक बड़ी बाधा बनी हुई थी, वह अब तेजी से कम हो रही है। उन्होंने एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि विशेष रूप से अंतिम-मील कनेक्टिविटी में आए सुधारों के कारण लॉजिस्टिक्स लागत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
पुराने तरीकों को अलविदा, दक्षता को नमस्ते
मंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि पहले उद्योगों को सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए बार-बार ट्रकों से रेल तक और फिर पुनः ट्रकों में स्थानांतरित करना पड़ता था, जिससे न केवल समय बर्बाद होता था बल्कि अकुशलता और नुकसान भी होता था। उन्होंने खुशी व्यक्त की कि खनन और बिजली संयंत्रों के स्थलों पर सीधे रेलवे साइडिंग के निर्माण से इस प्रकार की बर्बादी में भारी कमी आई है। गोयल ने कहा, “खनन स्थलों और बिजली संयंत्रों पर सरल अंतिम-मील कनेक्टिविटी बिजली की लागत में भारी अंतर ला सकती है, क्योंकि इससे रसद लागत कम हो जाती है।” उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यह बढ़ी हुई दक्षता अंततः उद्योग और उपभोक्ताओं दोनों के लिए लाभकारी साबित हो रही है।
हर क्षेत्र में बढ़ रही पीएम गति शक्ति की पहुँच
पीयूष गोयल ने मंत्रालयों, राज्यों और विभागों में पीएम गति शक्ति पहल की बढ़ती व्यापकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में, यह कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर समन्वय और प्रभावी योजना निर्माण का एक शक्तिशाली माध्यम बनकर उभरा है। “हर कोई लाभान्वित हो सकता है,” उन्होंने विश्वास जताया। उन्होंने बताया कि इस पहल पर नवीनतम आंकड़े दर्शाते हैं कि पीएम गति शक्ति अब हमारे दैनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही है।
डिजिटल उपकरणों से सशक्तिकरण, पारदर्शिता को बढ़ावा
इस मिशन के कार्यान्वयन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए, सरकार ने नए डिजिटल उपकरणों को लॉन्च करने की घोषणा की है। इनमें एक एकीकृत भू-स्थानिक इंटरफ़ेस भी शामिल है, जो आम जनता को पीएम गति शक्ति डेटाबेस तक सीधी पहुँच प्रदान करेगा। गोयल ने कहा, “आज एक अत्यंत व्यापक बहु-क्षेत्रीय रिपोर्टिंग प्रणाली शुरू की गई है, जो यह ट्रैक करेगी कि पीएम गति शक्ति क्षेत्रीय दृष्टिकोण के माध्यम से विकास को कैसे प्रभावित कर रही है।” उन्होंने सभी एजेंसियों से सटीक योजना और कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अपने डेटा को नियमित रूप से अद्यतन रखने का भी आग्रह किया, ताकि इस मिशन की सफलता सुनिश्चित की जा सके।
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