भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नई ऊर्जा: 18% तक घटेगा टैरिफ, जल्द होगा ऐतिहासिक समझौते का शंखनाद
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक बड़ी घोषणा करते हुए संकेत दिया है कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण अब निर्णायक मोड़ पर है। अगले 4 से 5 दिनों के भीतर दोनों देशों के बीच एक संयुक्त बयान को अंतिम रूप देकर उस पर हस्ताक्षर किए जाने की प्रबल संभावना है। इस ऐतिहासिक कदम के बाद, अमेरिका एक कार्यकारी आदेश जारी करेगा, जिसके तहत भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा। वर्तमान में, भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत का पारस्परिक टैरिफ और रूसी कच्चे तेल की खरीद के कारण 25 प्रतिशत का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
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पीयूष गोयल ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि मार्च के मध्य तक इस समझौते के कानूनी स्वरूप पर मुहर लग सकती है। उन्होंने बताया कि संयुक्त बयान के तुरंत बाद एक विस्तृत कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी, हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि इस प्रारंभिक चरण में निवेश से जुड़ी कोई बाध्यता शामिल नहीं है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस पर मुहर लगाते हुए कहा कि यह संयुक्त बयान हस्ताक्षरित होते ही एक ठोस कानूनी अनुबंध बन जाएगा, जिसकी औपचारिक प्रक्रिया मार्च के मध्य तक पूरी होने की उम्मीद है।
जैसे ही इस कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर होंगे, भारत भी अपनी ओर से कुछ चुनिंदा अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ कम करके सहयोग का हाथ बढ़ाएगा। गौरतलब है कि पिछले साल फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बैठक में व्यापार समझौते के पहले चरण को शरद ऋतु तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, बातचीत का सिलसिला तब थम गया था जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ा दिया था, जिसमें रूसी तेल खरीद से जुड़ा 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ भी शामिल था।
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हाल ही में मोदी-ट्रंप के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत और विदेश मंत्री एस जयशंकर की वाशिंगटन यात्रा ने इस ठप पड़ी प्रक्रिया में नई जान फूंक दी है। अधिकारियों के विश्लेषण के अनुसार, अब भारत का टैरिफ अपनी प्रतिद्वंद्वी निर्यात अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी स्थिति में आ गया है। उदाहरण के तौर पर, अमेरिका जहां इंडोनेशिया पर 19 प्रतिशत, वियतनाम और बांग्लादेश पर 20-20 प्रतिशत और चीन पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाता है, वहीं भारत के लिए यह 18 प्रतिशत की दर एक बड़ी जीत मानी जा रही है। आधिकारिक सूत्रों का दावा है कि भारत और अमेरिका व्यापार वार्ता के एक बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक पड़ाव पर पहुँच चुके हैं।
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