न्यूजीलैंड में भारत की फ्री ट्रेड डील: किसानों और MSMEs के हितों को प्राथमिकता
भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री, पीयूष गोयल, न्यूजीलैंड में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर चल रही बातचीत के बीच एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत, किसी भी देश के साथ FTA करे, अपने किसानों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के हितों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखेगा।
मार्च में शुरू हुई इस FTA बातचीत का चौथा दौर 7 नवंबर तक न्यूजीलैंड में जारी रहेगा। गोयल ने बातचीत में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि यह समझौता जल्द ही अंतिम रूप ले सकता है।
अमेरिका के साथ भी प्रगति पर नजर
न्यूजीलैंड के साथ FTA के अलावा, भारत अमेरिका के साथ भी द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है। गोयल ने स्वीकार किया कि इस बातचीत में कुछ “संवेदनशील” और “गंभीर” मुद्दे शामिल हैं, जिनके समाधान में स्वाभाविक रूप से कुछ समय लगेगा।
डेयरी सेक्टर और संवेदनशीलता का संतुलन
न्यूजीलैंड से FTA की बात करते हुए, गोयल ने विशेष रूप से डेयरी क्षेत्र का उल्लेख किया। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि न्यूजीलैंड का डेयरी उद्योग अत्यंत मजबूत है और FTA के माध्यम से भारत में अपने उत्पादों के लिए कर छूट की मांग कर सकता है। हालांकि, गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने डेयरी सेक्टर सहित अपने किसानों और MSMEs के हितों से कभी समझौता नहीं किया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के “संवेदनशील मुद्दों” का सम्मान करने पर सहमति जताई है, जो यह दर्शाता है कि बातचीत में एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है।
मंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा का महत्व
पीयूष गोयल की यह यात्रा FTA वार्ता की प्रगति की समीक्षा करने और भविष्य की दिशा तय करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह यात्रा भारत के व्यापारिक हितों को सुनिश्चित करने और वैश्विक स्तर पर अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
