चांदी की चमक बढ़ने को तैयार: एमके वेल्थ मैनेजमेंट ने 20% की उछाल का अनुमान लगाया
नई दिल्ली: चांदी, इस साल अब तक करीब 70% की शानदार बढ़त के साथ, आने वाले समय में भी निवेशकों को लुभाने के लिए तैयार है। एमके वेल्थ मैनेजमेंट ने भविष्यवाणी की है कि अगले एक साल में चांदी की कीमतें लगभग 20% बढ़कर 60 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकती हैं। यह उत्साहजनक वृद्धि सीमित आपूर्ति, औद्योगिक मांग में तेज़ी और वैश्विक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती प्रवृत्ति का परिणाम मानी जा रही है।
आपूर्ति का संकट और औद्योगिक क्रांति: कीमतों के उड़ान के पीछे के कारण
वर्तमान में, वैश्विक चांदी बाज़ार में लगभग 20% की आपूर्ति की कमी देखी जा रही है, और विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति निकट भविष्य में भी बनी रहेगी, जिससे कीमतों में मजबूती आएगी। दूसरी ओर, सौर ऊर्जा पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है। यह औद्योगिक क्रांति चांदी की खपत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।
सुरक्षित निवेश की ओर वापसी: अनिश्चितता में चांदी का बढ़ता आकर्षण
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के माहौल में, निवेशक सोने और चांदी जैसे पारंपरिक सुरक्षित निवेशों की ओर लौट रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती डॉलर को कमजोर कर सकती है, जिससे डॉलर-मूल्यांकित संपत्तियों, जैसे सोना और चांदी, को और अधिक आकर्षक बना देगी।
ऐतिहासिक उछाल और ऐतिहासिक ऊंचाइयां
इस साल, चांदी ने कॉमेक्स पर लगभग 70% और एमसीएक्स पर करीब 71% की अभूतपूर्व बढ़त दर्ज की है, जो ऐतिहासिक ऊंचाइयों के करीब है। सोना भी 61.82% की वृद्धि के साथ, सबसे अधिक रिटर्न देने वाला एसेट बन गया है।
संस्थागत निवेशकों का बढ़ता भरोसा और तकनीकी संकेत
एमके वेल्थ मैनेजमेंट के प्रोडक्ट्स हेड, आशीष राणावडे, बताते हैं कि संस्थागत निवेशक और केंद्रीय बैंक अमेरिकी डॉलर की जगह सोने में अधिक विश्वास जता रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग और मजबूत हुई है। तकनीकी रूप से भी, चांदी एक “ब्रेकआउट ज़ोन” में प्रवेश कर चुकी है, जो भविष्य में रिकॉर्ड स्तर की ओर इशारा कर रहा है।
भारत की मजबूत आर्थिक नींव: एक सहायक कारक
भारत की अर्थव्यवस्था फिलहाल मजबूत स्थिति में है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस पीएमआई 15 से 17 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार, 2025 और 2026 में भारत की विकास दर 6.2 से 6.3% रहने की उम्मीद है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, चीन-प्लस-वन रणनीति और मजबूत उपभोक्ता मांग भारत की विकास यात्रा को गति दे रहे हैं।
निष्कर्ष: चांदी का उज्ज्वल भविष्य
संक्षेप में, एमके वेल्थ मैनेजमेंट का मानना है कि कीमती धातुओं की वर्तमान तेज़ी अभी जारी रहेगी। विशेष रूप से चांदी, सुरक्षित निवेश और औद्योगिक मांग दोनों मोर्चों पर निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनी हुई है। यही कारण है कि आने वाले महीनों में इसकी कीमतों में और अधिक उछाल देखने की पूरी संभावना है।
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