नवादा की चुनावी तपिश: रजौली में जनता ने पूछा सवाल, नेताओं ने दिए जवाब
नवादा, बिहार: अवेयर मीडिया न्यूज़ की ‘इलेक्शन एक्सप्रेस’ सोमवार को नवादा जिले के रजौली के फूटानी चौक पर एक जीवंत चौपाल के रूप में पहुंची। विकास की धुरी पर केंद्रित जनता के तीखे सवालों का विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने बड़े सलीके से जवाब दिया। यह मंच आम जन की आवाज़ को सत्ता और विपक्ष तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण अवसर बना।
मंच पर दिग्गजों का संगम
रजौली विधानसभा क्षेत्र, जो सिरदला, मेसकौर और रजौली प्रखंडों को समेटे हुए है, के भविष्य पर सोमवार को मंथन हुआ। इस चौपाल में राजद की ओर से वरिष्ठ नेता नंदकिशोर यादव और युवा नेता बबलू यादव ने अपनी बात रखी। सत्तासीन भाजपा का प्रतिनिधित्व गौरव कुमार शांडिल्य और रंजन कुमार बबलू ने किया। वहीं, जनसुराज की ओर से पूर्व जिला परिषद सदस्य नरेश चौधरी और कांग्रेस की ओर से आरटीआइ जिलाध्यक्ष कुंदन दीप ने जनता के सवालों का सामना किया।
भाजपा का विकास रथ: उपलब्धियों का बखान
रजौली के फूटानी चौक पर भाजपा नेताओं ने विपक्ष के तीखे सवालों का जवाब देते हुए अपनी उपलब्धियों का ज़िक्र किया। उन्होंने बिहार को ‘जंगलराज’ से मुक्त कराने का दावा करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री और सांसद की उपलब्धियों को रेखांकित किया। रजौली में मेडिकल कॉलेज, डिग्री कॉलेज, हरदिया स्थित फुलवरिया डैम में तैरता हुआ सोलर प्लांट, भड़रा में औद्योगिक प्लांट और न्यूक्लियर पावर प्लांट जैसे प्रोजेक्ट्स को उन्होंने अपनी सरकार की महत्वपूर्ण देन बताया।
विपक्ष का हल्ला बोल: भ्रष्टाचार और अपराध पर निशाना
वहीं, राजद सहित अन्य विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने मौजूदा सरकार के कार्यकाल में व्याप्त भ्रष्टाचार को एक बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध और शराबबंदी कानून को ‘काला कानून’ बताते हुए सरकार की विफलता को उजागर करने का प्रयास किया। इस चर्चा में समाजसेवी संजय यादव, रेखा देवी, पूर्व मुखिया मुसाफिर चौधरी, गौरीशंकर यादव, ब्यास यादव, मुन्ना सिंह, अधिवक्ता संजय सिंह, पूर्व विधायक राजाराम पासवान के पुत्र अविनाश पासवान, बंटी सिंह, अजय वर्मा, विकास कुमार सोलंकी, संतोष कुमार जैसे कई गणमान्य व्यक्ति भी शामिल थे।
बिजली, शौचालय, और पलायन: जनता की मुख्य चिंताएँ
रजौली विधानसभा क्षेत्र में बिजली की समस्या ने लोगों को घेरा, खासकर 125 यूनिट मुफ्त बिजली की घोषणा के बाद मीटर की रफ़्तार तेज़ होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया। रजौली बाजार में महिलाओं और व्यापारियों की मुख्य मांग सार्वजनिक शौचालय की कमी रही। इसके अतिरिक्त, बेरोजगारी और पलायन के मुद्दे पर जनता के साथ-साथ नेताओं ने भी अपनी सहमति जताई। सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार भी जनता के सवालों की सूची में प्रमुखता से रहा।
नेताओं के चुनावी वादे: एक नज़र
चौपाल में राजनीतिक बहस के दौरान विभिन्न दलों के नेताओं ने अपने-अपने विजन और योजनाओं को जनता के सामने रखा:
- नंदकिशोर यादव (राजद): “रजौली का विकास हमारी प्राथमिकता रही है, पर संसाधनों की कमी और केंद्र-राज्य समन्वय की बाधाओं ने गति धीमी की है। हम जनता की नाराज़गी समझते हैं और अगली बार नए विजन के साथ आगे बढ़ेंगे।”
- गौरव कुमार शांडिल्य (भाजपा): “राजद के शासन में बिहार पिछड़ा, पर एनडीए सरकार ने बिहार को ‘जंगलराज’ से निकालकर शिक्षा, सड़क और उद्योग के रास्ते पर खड़ा किया। रजौली में मेडिकल कॉलेज, औद्योगिक प्लांट और सोलर प्रोजेक्ट जैसी योजनाएं केंद्र की देन हैं।”
- कुंदन दीप (कांग्रेस): “जनता आज भी बिजली बिल, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझ रही है। कांग्रेस ने हमेशा संतुलित विकास की बात की है और हम युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ठोस योजना लेकर आयेंगे।”
- नरेश चौधरी (जनसुराज): “बिहार की राजनीति अब नकारात्मकता से बाहर आनी चाहिए। जनता जात-पात नहीं, काम चाहती है। रजौली को शिक्षा और रोजगार का केंद्र बनाना हमारा लक्ष्य है। हमारा मुख्य विजन पलायन को पूरी तरह बंद कर राज्य में ही युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है।”
- रंजन कुमार बबलू (भाजपा): “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बिहार तेजी से बदल रहा है। रजौली का भविष्य उज्जवल है, बस जनता को विकास के लिए सही दिशा चुननी होगी।”
रजौली की पांच प्रमुख मांगें:
- रजौली को जिला घोषित किया जाए।
- सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाए।
- विकास कार्यों में तेजी लाई जाए।
- रजौली मुख्यालय में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण हो।
- न्यूक्लियर प्लांट को मंजूरी दी जाए।
यह चौपाल रजौली की जनता की आवाज़ को बुलंद करने और नेताओं को जनता के मुद्दों पर जवाबदेह ठहराने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
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