बांकीपुर में BJP की हार पर प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, बोले- सम्राट चौधरी बने सबसे बड़ी वजह, जनता ने बदला अपना विकल्प

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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बांकीपुर में BJP की हार पर प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, बोले- सम्राट चौधरी बने सबसे बड़ी वजह, जनता ने बदला अपना विकल्प

बिहार की बांकीपुर सीट पर बीजेपी की करीब तीन दशक पुरानी पकड़ टूटने के बाद सियासी बहस तेज है। जनसुराज के विजेता प्रशांत किशोर ने हार की वजह स्थानीय राजनीति को बताया और सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर सीधे सवाल उठाए।

‘बीजेपी की हार की असली वजह सम्राट चौधरी’

प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर में बीजेपी की हार के पीछे सबसे बड़ी वजह सम्राट चौधरी हैं। उनके मुताबिक, पहले यहां लालू यादव के विरोध में वोट करने वाले मतदाताओं के सामने बीजेपी ही प्रमुख विकल्प थी, लेकिन इस बार जनसुराज और जेएसपी ने उन्हें नया विकल्प दिया।

किशोर का दावा है कि बांकीपुर का नतीजा उतना अप्रत्याशित नहीं था, जितना इसे बताया जा रहा है।

Gen-Z के विरोध का असर कितना?

बांकीपुर में Gen-Z के विरोध प्रदर्शनों के प्रभाव पर प्रशांत किशोर ने इसे लगभग खारिज किया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम में स्थानीय मुद्दों की भूमिका ज्यादा रही।

उन्होंने सम्राट चौधरी के राजनीतिक रिकॉर्ड, शिक्षा और उनके पुराने राजनीतिक जुड़ाव को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि NDA के चेहरे के तौर पर उन्हें मतदाताओं की स्वीकार्यता नहीं मिली।

नितिन नवीन को लेकर भी दिया जवाब

जब किशोर से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की भूमिका को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि राज्य सरकार में उनकी प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। हालांकि उम्मीदवार चयन में उनकी भूमिका रही होगी, लेकिन बांकीपुर के रोजमर्रा के कामकाज में उनकी बड़ी भागीदारी नजर नहीं आती।

किशोर ने यह भी कहा कि नितिन नवीन शायद पार्टी अध्यक्ष के साथ विधायक की भूमिका भी बनाए रखना चाहते थे।

बिहार में जनसुराज की पहली जीत

बांकीपुर की जीत को प्रशांत किशोर जनसुराज के लिए महत्वपूर्ण शुरुआत मानते हैं। उनका कहना है कि बिहार में लंबे समय से मतदाता एक-दूसरे के डर के कारण बीजेपी या आरजेडी के पक्ष में मतदान करते रहे हैं।

उनके मुताबिक, अब मतदाताओं को बेहतर और विश्वसनीय राजनीतिक विकल्प चाहिए। किशोर ने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों के जमीनी काम ने बांकीपुर में पार्टी के लिए आधार तैयार किया।

शिक्षा और रोजगार पर तीन बड़े वादे

जीत के बाद किशोर ने बांकीपुर के लिए शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देने की बात कही है। उन्होंने पांच किलो मुफ्त राशन और राशन कार्ड बनवाने में रिश्वत खत्म कराने का वादा किया।

इसके अलावा सरकारी स्कूलों में एक साल में पढ़ाई की गुणवत्ता नहीं सुधरने पर बच्चों को निजी स्कूलों में स्थानांतरित कर खर्च उठाने और करीब 10 हजार परिवारों में कम से कम एक सदस्य को रोजगार दिलाने की बात कही।

‘वादे पूरे किए तो फिर मांगूंगा वोट’

प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर वह अपने वादे पूरे नहीं कर पाए तो दोबारा जनता से वोट नहीं मांगेंगे। वहीं, वादे पूरे होने पर वह बिहार में जनसुराज के समर्थन की अपील करेंगे।

अब बांकीपुर का चुनाव परिणाम सिर्फ बीजेपी की हार और जनसुराज की जीत तक सीमित नहीं है। असली परीक्षा आने वाले वर्षों में होगी—जब प्रशांत किशोर को अपने चुनावी वादों को जमीन पर उतारकर दिखाना होगा। राजनीति में दावा करना आसान है, लेकिन जनता के सामने उस दावे को काम में बदलना ही असली जनादेश होगा।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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