मानहानि के मुकदमे के बाद समीर वानखेड़े के परिवार को मिल रही नफरत भरी धमकियां, बोले – “यह मेरे आत्म-सम्मान की लड़ाई है”
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व जोनल निदेशक समीर वानखेड़े ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने बताया है कि आर्यन खान द्वारा निर्देशित वेब सीरीज़ ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ को लेकर रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट और नेटफ्लिक्स के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे के बाद से उनके परिवार को पाकिस्तान, यूएई और बांग्लादेश से नफरत भरे संदेश मिल रहे हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई को दी गई जानकारी में वानखेड़े ने स्पष्ट किया, “मेरा निजी मानना है कि इसका मेरे काम या पेशे से कोई लेना-देना नहीं है। अपनी निजी हैसियत से, मैंने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।” उन्होंने अदालती कार्यवाही पर फिलहाल कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि मामला विचाराधीन है।
यह मामला समीर वानखेड़े के लिए आत्म-सम्मान, व्यक्तिगत गरिमा और सम्मान का प्रश्न बन गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन पर की गई व्यंग्य या पैरोडी न केवल उनका, बल्कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ काम करने वाले सभी लोगों का भी अपमान करती है।
वानखेड़े ने चिंता व्यक्त की कि उनके परिवार को, जिनका उनके पेशेवर काम से कोई संबंध नहीं है, इस मामले का अनुचित खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “हम पुलिस को लगातार अपनी बहन और पत्नी को मिल रही धमकियों के बारे में सूचित करते रहे हैं। मैं यह स्वीकार नहीं करूँगा कि मेरी वजह से उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।”
गौरतलब है कि बुधवार, 8 अक्टूबर को, दिल्ली उच्च न्यायालय ने मानहानि के मामले में नेटफ्लिक्स और रेड चिलीज़ दोनों को नोटिस जारी किया था। समीर वानखेड़े का आरोप है कि “द बा***ड्स ऑफ़ बॉलीवुड” में एक अधिकारी का जिस तरह का चित्रण किया गया है, वह उनसे मिलता-जुलता है और इसी से मानहानि के आरोप उपजते हैं। अदालत ने वानखेड़े की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए दोनों कंपनियों को नोटिस जारी किया है।
समीर वानखेड़े का मानहानि मुकदमे पर विस्तृत बयान:
मुंबई एनसीबी के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े ने रेड चिलीज़ और नेटफ्लिक्स के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आज, नशीली दवाओं के दुरुपयोग का मुद्दा हमारे देश के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है, और ऐसी बातों को उजागर करके, आप न केवल एक व्यक्ति का, बल्कि मेरे साथ काम करने वालों और नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ने वाले अन्य लोगों का भी अपमान कर रहे हैं… मेरे परिवार का मेरे पेशे से कोई लेना-देना नहीं है। उनका मेरे मामलों, मेरे पेशे से कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी उन्हें इस तरह की बातों का खामियाजा क्यों भुगतना पड़ रहा है? पाकिस्तान, यूएई और बांग्लादेश से नफ़रत भरे संदेश आ रहे हैं। मैं यह स्वीकार नहीं करूँगा कि मेरी वजह से उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है… हमने पुलिस को नियमित रूप से उन धमकियों के बारे में सूचित किया है जो मेरी बहन और मेरी पत्नी को मिलती रहती हैं।”
मानहानि मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी:
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत 2021 में हुई थी जब समीर वानखेड़े ने मुंबई क्रूज़ ड्रग छापेमारी में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया था। आर्यन खान को 2022 में सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था और बाद में उन्होंने ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ का निर्देशन किया।
हाल ही में हुई सुनवाई में, अदालत ने समीर वानखेड़े को एक संशोधित मुकदमा दायर करने का निर्देश दिया था, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनका दिल्ली वाला मामला बरकरार रखा जा सकता है या नहीं। वानखेड़े के वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने अदालत को संशोधित दस्तावेजों के माध्यम से मार्गदर्शन दिया। दूसरी ओर, नेटफ्लिक्स की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नैयर ने मुकदमे का विरोध किया और यह तर्क दिया कि सभी प्रतिवादी एक ही क्षेत्राधिकार में नहीं रहते हैं।
हालांकि अभी तक कोई अंतरिम निषेधाज्ञा (injunction) जारी नहीं की गई है, अदालत ने प्रतिवादियों से वानखेड़े के उस अनुरोध का जवाब देने के लिए भी कहा है जिसमें कथित रूप से मानहानिकारक सामग्री को विभिन्न वेबसाइटों से हटाने की मांग की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को निर्धारित है।
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