विदेश का सपना, ठगी का जाल: बिहार-यूपी के सैकड़ों युवाओं के सपनों पर फिरा पानी, करोड़ों की ठगी

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यह वही कंपनी है, जिसके नाम पर ठगी की गई है।

गाजीपुर के 11 युवा ठगी के जाल में फंसे: विदेशों में बेहतर भविष्य का सपना हुआ चकनाचूर

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का कमसार इलाका आज उस दर्द में डूबा है, जहाँ 11 बेरोजगार नौजवानों का उज्ज्वल भविष्य का सपना ठगों के हाथों लाखों के चूना लगने से बिखर गया है। करीब 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी का यह मामला सरताज खान (उसिया गांव), जसीम खान (उसिया गांव), जावेद खान (बारा गांव), मेराज खान, गुफरान खान, भोलू खान, शमसेर खान, अरशद खान (बारा), आकिब खान, कुतबुद्दीन खान, और एनाम खान को अपना शिकार बना गया है। इन 11 युवाओं में से 8 बारा गांव के, 2 उसिया और 1 चितरकोनी गांव का रहने वाला है।

सऊदी अरब का सपना, ठगी का सच

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ितों में से एक, सरताज खान ने ‘नवजीवन’ से अपनी आपबीती सुनाई। सरताज के अनुसार, उनके एक संबंधी जो सऊदी अरब में रहते हैं, उन्होंने उन्हें मुजफ्फरपुर की एक वीजा कंपनी के बारे में जानकारी दी थी। इस जानकारी के आधार पर, सरताज और उनके करीब 6 साथी 20 अगस्त को इस कंपनी के दफ्तर पहुंचे। वहाँ उनकी मुलाकात अभिषेक कुमार से हुई, जिसने खुद को कंपनी का बॉस बताया। अभिषेक कुमार ने युवकों से उनके पासपोर्ट जमा करवाए और मेडिकल प्रक्रियाएं भी करवाईं।

पैसे के लिए हर हद पार, फिर भी हुए छले गए

सरताज ने दर्द बयां करते हुए कहा, “हम पहले से ही बेरोजगार थे। किसी तरह पैसे जमा करके वीजा के लिए दिए थे, और अब वे हमें ठग कर फरार हो गए हैं।” उन्होंने बताया कि उनके साथियों में से कुछ ने ड्राइवर, कुछ ने इलेक्ट्रीशियन और कुछ ने स्टोर कीपर के पदों के लिए वीजा अप्लाई किया था। इन नौजवानों ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया। किसी ने घर के कीमती जेवर गिरवी रखे, किसी ने ब्याज पर पैसे उठाए, तो किसी ने अपनी जमीन बेचकर वीजा की फीस चुकाई।

फोन पर मिला ऑफर, फ्लाइट का इंतजार, और फिर सन्नाटा

सरताज ने बताया कि 29 सितंबर को उन्हें फोन पर ऑफर लेटर मिला, और 4 सितंबर को वीजा भी फोन पर ही मिल गया। उनकी फ्लाइट 12 सितंबर को मुंबई से थी। 9 सितंबर को मुंबई पहुंचने के बाद, उन्होंने वीजा कंपनी के संचालकों को फोन मिलाया, लेकिन उनका फोन बंद पाया। कुछ देर बाद उन्हें अहसास हुआ कि वे और उनके साथी एक बड़े धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं और वीजा कंपनी रातों-रात फरार हो गई है। सरताज ने कहा, “यह खबर सुनकर हमारे होश उड़ गए। हम पहले से ही बेरोजगार थे, और किसी तरह पैसे जमा करके वीजे की फीस चुकाई थी।” अब इन 11 नौजवानों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा है कि वे अपने खोए हुए पैसों का क्या करें और अपने सपनों को कैसे पूरा करें।


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