सेलिना जेटली के भाई को मिली दिल्ली हाई कोर्ट से राहत, 14 महीने की कानूनी लड़ाई रंग लाई
नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली इन दिनों चर्चा में हैं। वे पिछले 14 महीनों से अपने भाई, रिटायर्ड मेजर विक्रांत कुमार जेटली के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही थीं, और आखिरकार दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें राहत दी है।
विदेश मंत्रालय को तत्काल कार्रवाई के निर्देश
दिल्ली हाई कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया है। सेलिना के भाई, रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली को सितंबर 2024 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा के कारणों का हवाला देते हुए हिरासत में लिया था।
UAE पुलिस ने सितंबर 2024 में किया था गिरफ्तार
तब से सेलिना अपने भाई की रिहाई के लिए प्रयासरत हैं। हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें जस्टिस सचिन दत्ता ने विदेश मंत्रालय को दिशा-निर्देश जारी करते हुए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है। इसका उद्देश्य सेलिना जेटली के परिवार और यूएई के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
सेलिना जेटली का भावुक पोस्ट
कोर्ट के आदेश के बाद, सेलिना जेटली ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भाई के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए एक मार्मिक पोस्ट लिखा। उन्होंने लिखा, “14 महीनों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार मुझे दिल्ली हाई कोर्ट से उम्मीद की किरण दिखी है।”
उन्होंने आगे बताया, “मेरी याचिका पर जस्टिस सचिन दत्ता ने सुनवाई की और सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मेरे भाई की मदद के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।”
सेलिना ने यह भी साझा किया, “मेरा भाई पिछले 9 महीनों से जबरन लापता और नजरबंदी का शिकार है। उन्होंने अपनी जवानी देश की सेवा में समर्पित की है। आपने हमारे लिए लड़ाई लड़ी भाई, अब समय है कि हम आपके लिए खड़े हों।”
उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा, “मैं सरकार से गुहार लगाती हूं कि वह आपको सुरक्षित घर वापस लाए। विदेशों में भारतीय सैनिकों को अक्सर निशाना बनाया जाता है, ऐसे में हमारी सरकार को अपने रक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।”
सेलिना जेटली की याचिका में क्या था?
अपनी याचिका में सेलिना जेटली ने आरोप लगाया था कि पिछले एक साल में परिवार को उनके भाई के स्वास्थ्य और कानूनी स्थिति से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने विदेश मंत्रालय पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा था कि मामले की नियमित जानकारी परिवार को दी जानी चाहिए।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
