Daldal Review: भिंडी बाजार के खूनी दलदल में फंसीं भूमि पेडनेकर, क्या खाकी वर्दी में दिखा उनका असली दम?

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Daldal Series Review | मुंबई की 'भिंडी बाज़ार' गलियों में खूनी खेल, पर क्या Bhumi Pednekar का पुलिस अवतार जमा पाया रंग?

नेटफ्लिक्स की ‘द रॉयल्स’ में कॉर्पोरेट जगत का दबदबा दिखाने के बाद, भूमि पेडनेकर अब खाकी वर्दी पहनकर अपराधियों के छक्के छुड़ाने लौटी हैं। प्राइम वीडियो की नई क्राइम थ्रिलर ‘दलदल’ मुंबई की उन अंधेरी गलियों और ‘भिंडी बाज़ार’ के रहस्यों को उजागर करती है, जहाँ एक खूंखार सीरियल किलर रूह कंपा देने वाली क्रूरता के साथ शिकार कर रहा है।

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दलदल: क्या है कहानी?

सीरीज़ का आगाज़ एक दिलचस्प मोड़ से होता है, जहाँ रीटा फरेरा (भूमि पेडनेकर) और इंदु म्हात्रे (गीता अग्रवाल) एक रेस्टोरेंट में बैठी हैं। इंदु की नज़र एक कविता पर पड़ती है, जो रीटा के ज़हन में बेचैनी पैदा कर देती है। कहानी की रफ़्तार तब बढ़ती है जब रीटा और उसकी साथी इंदु एक 8 हफ़्तों के गुप्त मिशन के तहत पिलावड़ी रेड-लाइट एरिया से लड़कियों को रेस्क्यू करती हैं। इस कामयाबी के बाद एसीपी रीटा फरेरा को पदोन्नत कर मुंबई क्राइम ब्रांच में डीसीपी बना दिया जाता है।

मुसीबत तब खड़ी होती है, जब एक बेज़ुबान कुत्तों से प्यार करने वाले शख्स की बेरहमी से हत्या हो जाती है। चौंकाने वाली बात यह है कि रीटा की मुलाकात उसी शख्स से एक रात पहले हुई थी। जहाँ एक ओर रिपोर्टर अनीता आचार्य पुलिस की साख पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर हत्याओं का सिलसिला थमता नहीं है। रीटा को जल्द ही समझ आ जाता है कि यह किसी एक का काम नहीं, बल्कि एक गहरा जाल है। दिलचस्प बात यह है कि हत्यारा केवल ‘नैतिक रूप से अच्छे’ लोगों को निशाना बना रहा है। क्या रीटा अपने दर्दनाक अतीत के जख्मों के साथ इस पेचीदा गुत्थी को सुलझा पाएगी? जवाब ‘दलदल’ के उतार-चढ़ाव में छिपा है।

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निर्देशन और कलाकारों का दम

विश धामीजा के चर्चित उपन्यास ‘भिंडी बाज़ार’ पर आधारित इस सीरीज़ की कमान अमृत राज गुप्ता ने संभाली है। कास्टिंग इसकी सबसे बड़ी मजबूती है:

  • भूमि पेडनेकर: पहली बार पुलिस ऑफिसर के रूप में वह एक गंभीर और अंतर्मुखी किरदार में नज़र आ रही हैं।
  • गीता अग्रवाल शर्मा: ’12th फेल’ की सफलता को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहानी को भावुक गहराई दी है।
  • सपोर्टिंग कास्ट: समारा तिजोरी और आदित्य रावल जैसे युवा टैलेंट और राहुल भट्ट व जया भट्टाचार्य जैसे मंझे हुए कलाकारों ने सस्पेंस को जीवंत बनाए रखा है।

तकनीकी बारीकियां और लेखन

सीरीज़ में मुंबई के डार्क और ग्रिटी (Gritty) अंदाज़ को बखूबी पर्दे पर उतारा गया है। सात एपिसोड की यह यात्रा धीरे-धीरे सस्पेंस की परतें खोलती है। क्राइम सीन्स का फिल्मांकन और सीरियल किलर का पैटर्न दर्शकों को स्क्रीन से चिपके रहने पर मजबूर करता है। रीटा फरेरा का किरदार सिर्फ एक पुलिस वाली का नहीं, बल्कि पितृसत्तात्मक समाज और अपने आंतरिक संघर्षों से लड़ती एक महिला की कहानी है।

हमारा सुझाव: अगर मर्डर मिस्ट्री और सस्पेंस आपका पसंदीदा जॉनर है, तो ‘दलदल’ आपके वीकेंड को रोमांचक बना सकती है। प्राइम वीडियो की यह पेशकश देखने लायक है, हालांकि शानदार कास्ट के बावजूद कुछ कमियां खटकती हैं। भूमि पेडनेकर के हाव-भाव थोड़े डल (Dull) महसूस होते हैं, लेकिन समारा तिजोरी, आदित्य रावल और गीता अग्रवाल की परफॉर्मेंस उस कमी को ढक लेती है। यह थ्रिलर आपको क्लाइमेक्स तक बांधे रखने का माद्दा रखती है।

रेटिंग: 2.5/5 स्टार
ओटीटी प्लेटफॉर्म: प्राइम वीडियो
निर्देशक: अमृत राज गुप्ता
प्रमुख कलाकार: भूमि पेडनेकर, गीता अग्रवाल शर्मा, समारा तिजोरी, आदित्य रावल, राहुल भट्ट
आधार: विश धामीजा की किताब ‘भिंडी बाज़ार’


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