पंजाबी संगीत के ‘पेंडू अखाड़ों के किंग’ गुरमीत मान का निधन, दिल का दौरा और किडनी फेलियर बनी वजह
नई दिल्ली: पंजाबी लोक संगीत की दुनिया से एक दुखद खबर सामने आई है। ‘पेंडू अखाड़ों के किंग’ के नाम से मशहूर गायक गुरमीत मान (57) का 10 अक्टूबर 2025 को चंडीगढ़ के परमार अस्पताल में निधन हो गया। हार्ट की गंभीर समस्या और किडनी खराब होने से जूझ रहे गुरमीत ने करीब 3-4 साल पहले स्टेंटिंग करवाई थी, लेकिन पिछले एक हफ्ते से उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसने अंततः उन्हें हमेशा के लिए हमसे छीन लिया।
गुरमीत मान का अचानक जाना पंजाबी मनोरंजन उद्योग के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर हाल ही में राजवीर जवंदा और वरिंदर सिंह घुमन के निधन के बाद। हालांकि, उनकी अनमोल विरासत उनके यादगार गीतों के रूप में हमेशा जीवित रहेगी। आइए, उनके जीवन के कुछ अनछुए पहलुओं पर नज़र डालें – उनकी पत्नी, बच्चे और उनकी अनुमानित नेट वर्थ के बारे में जानें।
गुरमीत मान की पत्नी: एक सबल सहारा
गुरमीत मान की पत्नी का नाम सार्वजनिक तौर पर ज्यादा चर्चा में नहीं रहा है, लेकिन वे पंजाब पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (SI) के पद पर सेवा दे चुकी हैं और अब रिटायर्ड हैं। गुरमीत की तरह ही उनकी पत्नी भी पुलिस सेवा में रहीं, और उन्होंने मिलकर परिवार को संभाला। गुरमीत ने कभी भी अपने इंटरव्यू में पत्नी का नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन उनके करीबियों के अनुसार, “पत्नी ने हमेशा गुरमीत का साथ दिया, चाहे वह स्टेज पर हों या पुलिस की ड्यूटी पर।” उनके निधन की खबर से पत्नी बेहद दुखी हैं, लेकिन उन्होंने परिवार को संभाला है।
गुरमीत मान के बच्चे: कनाडा में रच रहे हैं संगीत की दुनिया
गुरमीत मान के दो बच्चे हैं, जो कनाडा में बस गए हैं और संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं:
- बेटा गौरव मान (Gaurav Maan): कनाडा में रहकर म्यूजिक प्रोडक्शन और बिजनेस में सक्रिय हैं। वे अपने पिता के गीतों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।
- बेटी गुनबी मान (Gunbi Maan): हिंदी नाटकों और टॉलीवुड में काम करने के साथ-साथ गायन भी करती हैं। उनकी रुचि भी संगीत के प्रति वैसी ही है, जैसी उनके पिता गुरमीत मान की थी।
गुरमीत मान का सफर: पंजाब पुलिस से लोक गायक तक का अद्भुत सफर
रोपड़ जिले के मूल निवासी गुरमीत सिंह मान (जन्म: 1968) ने पंजाब पुलिस में ASI के पद पर सेवा दी। ड्यूटी के साथ-साथ वे लोक गीत गाने के अपने जुनून को भी जारी रखे हुए थे। ‘सोहरेयां दा पिंड’ और ‘चंडीगढ़ इन रूम’ जैसे उनके गाने उन्हें खास पहचान दिलाए। प्रीत पायल के साथ उनकी जोड़ी काफी हिट रही।
- हिट गाने: गुरमीत मान के कुछ यादगार गानों में ‘बोलियां’, ‘बोली मैं पवन’, ‘काके दिया पुरियां’, ‘लव लेटर’, और ‘बादल दे नीले कार्ड वांगूं तेरी फोटो सांभ के रखांगा’ शामिल हैं।
- कैरियर: 1990 के दशक से उन्होंने लोक गीत, कॉमेडी और प्रोडक्शन में काम किया और पंजाबी संस्कृति को अपनी कला से जीवंत रखा।
- नेट वर्थ: उनके स्टेज शोज और एल्बम से होने वाली कमाई के अनुमानित आंकड़े अलग-अलग स्रोतों में 28.1 मिलियन डॉलर से 2.74 मिलियन डॉलर तक बताए जाते हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है।
गुरमीत मान की मृत्यु का कारण: दिल और किडनी की बीमारी
जैसा कि ऊपर बताया गया है, गुरमीत मान को करीब 3-4 साल पहले स्टेंटिंग हुई थी। पिछले एक हफ्ते से उनकी तबीयत बिगड़ रही थी। उन्हें चंडीगढ़ के सेक्टर 32 अस्पताल से रोपड़ के परमार अस्पताल में शिफ्ट किया गया था, जहां किडनी खराब होने की वजह से उनका निधन हो गया। उनके दोस्त लखवीर सिंह ने उन्हें एक “नेक इंसान” और “स्टेज का किंग” बताया।
गुरमीत मान का अंतिम संस्कार
उनका अंतिम संस्कार गुरदासपुर जिले के पैतृक गांव हरदोवाल में हुआ। गुरमीत मान की मौत ने रोपड़ को अनाथ कर दिया है। राजवीर जवंदा और वरिंदर घुमन के बाद यह उद्योग के लिए एक और बड़ा झटका है। उनकी गीतों की विरासत हमेशा अमर रहेगी।
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