सेंट्रल मार्केट से पूरे शहर तक पहुंचा मामला, 16,726 संपत्तियों पर सीलिंग के निर्देश

By
PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
- Editor
5 Min Read
सेंट्रल मार्केट से पूरे शहर तक पहुंचा मामला, 16,726 संपत्तियों पर सीलिंग के निर्देश

मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में आवासीय संपत्तियों के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण का मामला अब शहर के बड़े हिस्से तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 21 सितंबर को हुई सुनवाई में मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के जोन-ए सर्वे में चिन्हित 16,726 संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई के निर्देश दिए।

इससे पहले मामला मुख्य रूप से सेंट्रल मार्केट की संपत्तियों और वहां हुए कथित अनधिकृत निर्माण तक सीमित था। अब अदालत के निर्देश के बाद अन्य इलाकों में भी इसी तरह की संपत्तियों की पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

जोन-ए में 16,726 संपत्तियां चिन्हित

मेडा की ओर से अदालत में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक जोन-ए में 16,726 ऐसी इमारतें चिन्हित की गई हैं, जिन्हें प्राधिकरण ने नियमों के अनुरूप नहीं पाया। रिपोर्ट में आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों और स्वीकृत मानचित्र से अलग निर्माण जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है।

इन संपत्तियों में पुराने मेरठ शहर के कई घनी आबादी वाले इलाके भी शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक बेगमपुल, ब्रह्मपुरी, लिसाड़ीगेट, भगवतपुरा और तारापुरी सहित कई क्षेत्र जोन-ए के सर्वे में आए हैं।

अब जोन-B, C और D में भी होगा सर्वे

सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ जोन-ए तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। अदालत ने जोन-B, C और D में भी इसी तरह की संपत्तियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। इससे मेडा के सामने अगले चरण में बड़े पैमाने पर सर्वे और रिकॉर्ड की जांच की चुनौती है।

रिपोर्टों के अनुसार शहर के कुल 4.75 लाख से अधिक भवनों के सर्वे की व्यापक प्रक्रिया भी सामने है। हालांकि, अभी 16,726 संपत्तियों का आंकड़ा जोन-ए के सर्वे से संबंधित है, इसे पूरे शहर की अंतिम संख्या नहीं माना जा सकता।

सेंट्रल मार्केट की 44 संपत्तियों पर पहले हुई कार्रवाई

इस मामले की शुरुआत शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट की संपत्तियों से हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद 44 संपत्तियों को लेकर अनुपालन रिपोर्ट अदालत में पेश की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 20 संपत्तियों में अवैध निर्माण हटाया जा चुका था, जबकि बाकी 24 संपत्तियों में भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। अप्रैल 2026 में सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में भी 44 संपत्तियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी दर्ज की गई थी।

सचिव अर्पित गुप्ता को लेकर भी बदलाव

सुप्रीम कोर्ट में जोन-ए की रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद शासन स्तर पर मेडा के सचिव अर्पित गुप्ता को पद से हटाकर लखनऊ से संबद्ध किए जाने की जानकारी सामने आई है। उनका कार्यकाल करीब तीन महीने का बताया जा रहा है।

हालांकि, इस प्रशासनिक बदलाव को सीधे तौर पर किसी दंडात्मक कार्रवाई के रूप में जोड़ना उचित नहीं होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और मेडा की रिपोर्टिंग के घटनाक्रम के बीच हुआ प्रशासनिक फैसला बताया गया है।

भवन मालिकों और कारोबारियों पर पड़ेगा असर

16,726 संपत्तियों पर सीलिंग के निर्देश का असर उन भवन मालिकों और कारोबारियों पर पड़ सकता है, जिनकी संपत्तियां मेडा के सर्वे में नियमों के विपरीत पाई गई हैं। खासतौर पर उन भवनों पर ध्यान है जहां आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है।

मेडा को अब संपत्तियों का चिन्हांकन, रिकॉर्ड का सत्यापन और अदालत के निर्देशों के अनुपालन की प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी।

अगली सुनवाई 9 दिसंबर को

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 दिसंबर 2026 की तारीख तय की है। रिपोर्टों के मुताबिक जोन-B, C और D की जानकारी तथा आगे की अनुपालन रिपोर्ट अदालत के सामने रखी जाएगी।

फिलहाल सोमवार की सुनवाई का विस्तृत आदेश उपलब्ध नहीं होने के कारण आदेश के प्रत्येक पहलू पर अंतिम टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। आगे की सुनवाई में अदालत के सामने आने वाली रिपोर्ट से कार्रवाई का दायरा और स्पष्ट हो सकता है।

शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट से शुरू हुआ मेरठ का अवैध निर्माण मामला अब शहर के बड़े हिस्से तक पहुंच चुका है। जोन-ए की 16,726 चिन्हित संपत्तियों पर सीलिंग के निर्देश और बाकी तीन जोन में सर्वे का आदेश इस मामले को व्यापक बना देता है। अब अगली कार्रवाई मेडा की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आगे के निर्देशों पर निर्भर करेगी।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *