धार्मिक पर्यटन के बढ़ते चलन के बीच IRCTC ने राजस्थान के मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए दक्षिण भारत दर्शन यात्रा की घोषणा की है। भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के जरिए होने वाली यह यात्रा 21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलेगी।
यात्रा की शुरुआत राजस्थान के सीकर से होगी। ट्रेन जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ होते हुए दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक जाएगी। उदयपुर और आसपास के श्रद्धालु चित्तौड़गढ़ से इस यात्रा में शामिल हो सकेंगे।
तिरुपति बालाजी से मल्लिकार्जुन तक पांच प्रमुख पड़ाव
इस 12 दिवसीय यात्रा में श्रद्धालुओं को दक्षिण भारत के पांच प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। यात्रा का प्रमुख कार्यक्रम इस प्रकार है—
- 24 अक्टूबर: तिरुपति बालाजी दर्शन
- 26 अक्टूबर: रामेश्वरम स्थित रामनाथ स्वामी मंदिर
- 27 अक्टूबर: मदुरै का प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर
- 28 अक्टूबर: कन्याकुमारी भ्रमण और दर्शन
- 30 अक्टूबर: मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग दर्शन
- 1 नवंबर: यात्रा पूरी कर ट्रेन की सीकर वापसी
इस तरह एक ही यात्रा में श्रद्धालु आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और दक्षिण भारत के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को देख सकेंगे।
दो श्रेणियों में रखा गया है यात्रा का किराया
IRCTC ने यात्रियों की सुविधा और बजट के अनुसार पैकेज को दो श्रेणियों में रखा है। स्टैंडर्ड पैकेज का किराया 37,810 रुपये और कंफर्ट पैकेज का किराया 50,290 रुपये बताया गया है।
स्टैंडर्ड श्रेणी में थर्ड एसी इकोनॉमी ट्रेन यात्रा, नॉन-एसी होटल में ठहरने और नॉन-एसी बसों से स्थानीय परिवहन की सुविधा शामिल होगी।
वहीं कंफर्ट श्रेणी में सेकेंड एसी ट्रेन यात्रा, एसी होटल और एसी बसों की सुविधा दी जाएगी।
पैकेज में क्या-क्या मिलेगा?
यात्रा पैकेज में यात्रियों के लिए कई सुविधाएं शामिल हैं। इसमें कन्फर्म ट्रेन बर्थ, होटल में ठहरने की व्यवस्था, तीनों समय भोजन, मंदिर दर्शन और ट्रैवल इंश्योरेंस शामिल बताया गया है।
IRCTC के मुताबिक भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के साथ स्थानीय भ्रमण की सुविधा भी पैकेज के तहत मिलेगी।
ट्रेन में आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यात्रा के दौरान ट्रेन में आधुनिक किचन-कार, बायो-टॉयलेट और सुरक्षा व्यवस्था जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। भोजन और स्थानीय परिवहन की व्यवस्था भी यात्रा पैकेज का हिस्सा होगी।
इससे लंबी दूरी की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को ठहरने, भोजन और स्थानीय आवागमन के लिए अलग से व्यवस्था करने की जरूरत कम होगी।
सरकारी कर्मचारियों को मिल सकता है LTC का लाभ
इस धार्मिक यात्रा की एक खास बात यह भी है कि पात्र सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी नियमों के अनुसार LTC का लाभ ले सकते हैं। हालांकि LTC का लाभ संबंधित कर्मचारी की पात्रता और लागू सरकारी नियमों पर निर्भर करेगा।
यात्रा से पहले जान लें जरूरी बातें
21 अक्टूबर से शुरू होने वाली यह यात्रा 12 दिनों की होगी और 1 नवंबर को सीकर वापसी के साथ पूरी होगी। श्रद्धालुओं के लिए स्टैंडर्ड और कंफर्ट दोनों विकल्प उपलब्ध हैं। यात्रा बुक करने से पहले पैकेज में शामिल सुविधाओं, बोर्डिंग स्टेशन, पात्रता, उपलब्ध सीटों और लागू नियमों की जानकारी IRCTC से जरूर जांच लेना उचित रहेगा।
दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों के दर्शन को एक ही यात्रा में पूरा करने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए IRCTC की यह भारत गौरव ट्रेन यात्रा एक संगठित विकल्प है। तिरुपति बालाजी, रामेश्वरम, मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी और मल्लिकार्जुन जैसे प्रमुख स्थलों को यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया गया है। 21 अक्टूबर से शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए यात्रियों को बुकिंग और पैकेज की मौजूदा शर्तों की जानकारी IRCTC से प्राप्त करनी चाहिए।
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