80 वर्षीय कन्नड़ सिनेमा के अनमोल रत्न, उमेश, कैंसर से जंग हार गए

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
4 Min Read
80 वर्षीय कन्नड़ सिनेमा के अनमोल रत्न, उमेश, कैंसर से जंग हार गए
80 साल के कन्नड़ दिग्गज अभिनेता उमेश नहीं रहे, कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हुआ

कन्नड़ सिनेमा का ‘मैसूर’ श्रीकांतय्या उमेश नहीं रहे, 80 की उम्र में कैंसर से जंग हारी

रविवार को कन्नड़ सिनेमा के एक और दिग्गज कलाकार, ‘मैसूर’ श्रीकांतय्या उमेश, ने दुनिया को अलविदा कह दिया। 80 वर्ष की आयु में, लंबी बीमारी से जूझने के बाद, उनका निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, अभिनेता काफी समय से कैंसर से पीड़ित थे और हाल ही में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली।

पांच दशक का अविस्मरणीय सफर: 350 से ज़्यादा फ़िल्मों में अभिनय

अभिनेता उमेश का फिल्मी सफ़र पांच दशकों से भी लंबा रहा, जिसमें उन्होंने 350 से अधिक फ़िल्मों में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 24 अप्रैल, 1945 को मैसूर में जन्मे उमेश ने महज़ चार साल की उम्र में ही कला की दुनिया में कदम रख दिया था। उन्होंने ‘लंचवतार’ फेम मास्टर के. हिरण्यय्या के थिएटर ग्रुप में अपनी पहली भूमिका निभाई।

‘कथा संगम’ से मिली नई उड़ान

बाद में, वे गुब्बी वीरन्ना के प्रसिद्ध थिएटर ग्रुप का हिस्सा बने। 1960 में फ़िल्म ‘मक्कल राज्य’ में मुख्य भूमिका निभाकर उमेश को फिल्म उद्योग में एक बड़ी पहचान मिली। इस सफल शुरुआत के बाद, उनके करियर में एक ठहराव आया, जिसने उन्हें संघर्ष की राह पर धकेला और वे पुनः थिएटर की ओर लौट गए। हालाँकि, 1977 में फ़िल्म ‘कथा संगम’ के ज़रिए उन्हें एक बार फिर बड़े पर्दे पर ब्रेक मिला, और तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

सितारों का साथ और तमिल सिनेमा में भी छाप

अपने लंबे करियर में, उमेश ने कन्नड़ सिनेमा के लगभग सभी बड़े नामों के साथ काम किया। इनमें कन्नड़ के ‘मैटिनी आइडल’ राजकुमार, विष्णु वर्धन, अंबरीश, श्रीनाथ, शंकर नाग, अनंत नाग, अरविंद रमेश, बी. सरोजा देवी और भारती जैसे दिग्गज शामिल थे। इतना ही नहीं, उन्होंने तमिल सिनेमा के दो महान कलाकार, शिवाजी गणेशन और रजनीकांत के साथ भी अभिनय कर अपनी छाप छोड़ी।

पुरस्कारों से सम्मानित: कर्नाटक राज्य फिल्म पुरस्कार और कर्नाटक नाटक अकादमी पुरस्कार

अभिनेता उमेश को उनके बहुमूल्य योगदान के लिए कई सम्मानों से नवाज़ा गया। 1975 में फ़िल्म ‘कथा संगम’ में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए उन्हें कर्नाटक राज्य फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, 2013 में रंगमंच के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें कर्नाटक नाटक अकादमी पुरस्कार से भी अलंकृत किया गया।

उमेश ने ‘नागरा होले’, ‘गुरु शिष्यरु’, ‘अनुपमा’, ‘कामना बिल्लू’ और ‘वेंकट इन संकटा’ जैसी कई यादगार फ़िल्मों में अभिनय किया।

एच.डी. कुमारस्वामी ने जताया गहरा शोक

केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता, एच. डी. कुमारस्वामी ने एक्टर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा, “उमेश अपने ताज़गी भरे हास्य से दर्शकों को हँसी के सागर में डुबो देते थे।” कुमारस्वामी ने आगे लिखा, “‘गुरु शिष्यारू’, ‘हालु जेनु’, ‘अपूर्व संगमा’ जैसी कई फ़िल्मों में उनके शानदार अभिनय को याद करते हुए, उनका जाना कन्नड़ कला जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।”


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *