बॉलीवुड की ‘गरम’ से अध्यात्म की ‘शांति’ तक: ममता कुलकर्णी का विवादास्पद बयान और जीवन का नया अध्याय
ममता कुलकर्णी का दाऊद इब्राहिम पर चौंकाने वाला बयान: क्या है पूरा मामला?
बॉलीवुड की अपनी खास पहचान बना चुकीं अभिनेत्री ममता कुलकर्णी एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में गोरखपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
ममता का दावा है कि “दाऊद इब्राहिम कोई आतंकवादी नहीं है और उसका किसी भी बम धमाके या आतंकी साजिश से कोई लेना-देना नहीं रहा है।” अपने बयान में, ममता ने दाऊद के पक्ष में और भी कई बातें कहीं।
मीडिया और राजनीति पर आरोप, सबूतों की मांग
ममता कुलकर्णी ने स्पष्ट किया कि वर्षों से मीडिया और कुछ राजनीतिक ताकतों ने दाऊद को गलत तरीके से पेश किया है। उनका मानना है कि अगर किसी पर कोई अपराध का आरोप है, तो उसे साबित करने के लिए ठोस सबूत होने चाहिए, न कि सिर्फ प्रचार या राजनीतिक स्वार्थ के चलते किसी को दोषी ठहराया जाए। इस बयान ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। जहाँ कुछ लोग इसे “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” का नाम दे रहे हैं, वहीं कई संगठनों ने इसे “भड़काऊ और विवादित” करार दिया है।
स्थानीय प्रशासन भी सतर्क, जांच की तैयारी
गोरखपुर प्रशासन ने ममता के इस बयान को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा है कि अगर वीडियो सबूत या शिकायत मिलती है जिसमें सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली बातें हों, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और स्थिति पर नजर रखे हुए है।
धर्म परिवर्तन और व्यक्तिगत जीवन पर ममता का स्पष्टीकरण
1972 में जन्मी ममता कुलकर्णी ने अपने जीवन में कभी शादी नहीं की। 2013 में उनके इस्लाम धर्म अपनाने की खबरें आईं, जिस पर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अगर वह इस्लाम कबूल भी कर लें तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने धर्म परिवर्तन को एक व्यक्तिगत निर्णय बताया था और कहा था कि यह समाज की सोच पर निर्भर नहीं होना चाहिए।
विक्की गोस्वामी के साथ अपने नाम जोड़े जाने की अफवाहों पर, ममता ने हमेशा इसे “झूठा” बताया है। उन्होंने कहा कि लोग उनके निजी जीवन के बारे में बिना जानकारी के बातें बनाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शादी जैसी अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है और अब वह अपने जीवन को आध्यात्मिक मार्ग पर समर्पित कर चुकी हैं।
फिल्मी करियर से संन्यास और अध्यात्म का सफर
ममता कुलकर्णी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1991 में तमिल फिल्म ‘नानबरगल’ से की थी। इसके बाद, उन्होंने बॉलीवुड में ‘तिरंगा’, ‘करण अर्जुन’, ‘आशिक आवारा’, ‘बाजी’ और ‘कभी तुम कभी हम’ जैसी फिल्मों से दर्शकों का दिल जीता। 2003 में रिलीज़ हुई बंगाली फिल्म ‘शेष बोंगसोधर’ उनकी आखिरी फिल्म थी।
2025 में, ममता ने प्रयागराज महाकुंभ के दौरान पिंडदान किया और संन्यास की दीक्षा ली। अब वह किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर बन चुकी हैं और उन्हें “श्री यामाई ममता नंद गिरि” के नाम से जाना जाता है। उन्होंने घोषणा की है कि अब वह अपना शेष जीवन मानव कल्याण और आध्यात्मिक सेवा को समर्पित करेंगी।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


