राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी: 60 करोड़ के ठगी के जाल में उलझे, जांच एजेंसियों के सवालों का सामना
भारत के व्यावसायिक जगत और बॉलीवुड के गलियारों में राज कुंद्रा का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं। ब्रिटेन में जन्मे कुंद्रा, जिनकी पत्नी हैं जानी-मानी बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी, रियल एस्टेट, खेल और विभिन्न ऑनलाइन व्यवसायों में अपनी धाक जमा चुके हैं। लेकिन हाल के दिनों में, यह चर्चित जोड़ा लगातार विवादों की काली छाया तले घिरा रहा है। कभी किसी कथित फ्रॉड केस में तो कभी अश्लील फिल्में बनाने के आरोपों में, कुंद्रा परिवार और जांच एजेंसियों के बीच एक तकरार सी जारी है। इस बार, यह विवाद 60 करोड़ रुपये की एक बड़ी धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसने इस मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने इस 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में व्यवसायी राज कुंद्रा का सोमवार को विस्तृत बयान दर्ज किया। यह पूछताछ करीब पांच घंटे तक चली, और मीडिया की नजरों से बचने के लिए एक अज्ञात स्थान पर आयोजित की गई। एक अधिकारी के अनुसार, “हमने आज (सोमवार) कुंद्रा का बयान दर्ज किया और संभवत: अगले सप्ताह उन्हें फिर से तलब किया जाएगा क्योंकि अगले दौर की पूछताछ से पहले कई और गवाहों की जांच की जरूरत है।”
फिलहाल, सह-आरोपी अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी को कोई समन जारी नहीं किया गया है, क्योंकि ईओडब्ल्यू अभी भी साक्ष्य जुटाने के अपने प्रयासों में जुटी है। ईओडब्ल्यू, शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के खिलाफ मुंबई में दर्ज 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह मामला एक प्रसिद्ध दंपति और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यवसायी को उनकी अब बंद हो चुकी कंपनी ‘बेस्ट डील टीवी प्राइवेट लिमिटेड’ से जुड़े ऋण-सह-निवेश सौदे में कथित तौर पर 60.4 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बनाया।
शिकायतकर्ता व्यवसायी दीपक कोठारी (60) हैं, जो ‘लोटस कैपिटल फाइनेंस सर्विसेज’ नामक एक ‘गैर-बैंकिंग’ वित्तीय कंपनी के निदेशक हैं। इस महीने की शुरुआत में, पुलिस ने शेट्टी और कुंद्रा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया था। एलओसी एक महत्वपूर्ण सरकारी निर्देश होता है, जिसका उपयोग अधिकारियों द्वारा किसी व्यक्ति को देश छोड़ने से रोकने या उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जाता है। यह आव्रजन और सीमा अधिकारियों को उस व्यक्ति की गतिविधियों के प्रति सतर्क करता है।
जांच की दिशा
आर्थिक अपराध शाखा अब पूरे मामले की वित्तीय कड़ियों को सुलझाने में जुटी है। उनका मुख्य प्रयास धन के प्रवाह का पता लगाना और कथित धोखाधड़ी की समय-सीमा के साथ उसका मिलान करना है। अधिकारियों ने बताया कि दंपति के व्यापारिक लेन-देन से संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की अत्यंत बारीकी से जांच की जा रही है।
इस महीने की शुरुआत में, मुंबई पुलिस द्वारा राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी दोनों के खिलाफ जारी किए गए लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला दिया था। इस कदम का उद्देश्य जांच के दौरान दंपति को देश छोड़ने से रोकना और उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना है। पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है। उनका कहना है कि जांच का अगला कदम कई गवाहों के बयानों की पुष्टि और विस्तृत वित्तीय दस्तावेजों के विश्लेषण पर निर्भर करेगा। यह मामला अभी भी अपनी प्रारंभिक अवस्था में है और आगे की जांच से कई और परतें खुलने की उम्मीद है।
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