मिशन 30 सितंबर: चुनाव आयोग के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन की बड़ी घेराबंदी, दिल्ली में जमेगा विपक्षी दिग्गजों का डेरा
सत्तारूढ़ सरकार को घेरने के लिए विपक्षी कुनबा एक बार फिर एकजुट हो रहा है। इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (INDIA) के घटक दलों ने आगामी 30 सितंबर को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। पीटीआई के सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और हालिया विवादों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करना है। विपक्षी दल अब एक साझा रणनीति के तहत चुनाव आयोग के मुद्दे पर आर-पार की जंग की तैयारी में हैं।
वोटर लिस्ट में ‘हेरफेर’ के आरोपों ने गरमाया सियासी पारा
देश के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त ‘SIR’ यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया की आड़ में बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं। विपक्षी गठबंधन का स्पष्ट कहना है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि किसी भी असली मतदाता का लोकतांत्रिक अधिकार न छिना जाए। बिहार और बंगाल के पिछले चुनावों के समय से ही यह मुद्दा विवादों के केंद्र में रहा है और अब विपक्ष इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाने जा रहा है।
चुनाव आयोग के भीतर ‘बगावत’ और CEC को हटाने की मांग तेज
सिर्फ बाहरी विरोध ही नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के भीतर से उठ रही आवाजों ने भी सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग अब जोर पकड़ रही है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इसे ‘संस्थागत विचार-विमर्श’ का हिस्सा बताया है, लेकिन विपक्ष इसे आयोग के भीतर असंतोष का संकेत मान रहा है। खबर है कि विपक्षी दल अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नया प्रस्ताव लाने की बड़ी तैयारी कर रहे हैं।
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