रेणुकास्वामी मर्डर केस: दर्शन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जेल सुविधाओं को लेकर कर्नाटक सरकार से मांगा जवाब!

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रेणुकास्वामी मर्डर केस: दर्शन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जेल सुविधाओं को लेकर कर्नाटक सरकार से मांगा जवाब!
Renukaswamy Murder | सुप्रीम कोर्ट ने Darshan Thoogudeepa की याचिका पर कर्नाटक सरकार से मांगी रिपोर्ट, जेल की सुविधाओं पर उठाए सवाल

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जेल की कोठरी में न बिजली, न खाना! सुपरस्टार दर्शन की गुहार पर सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार से मांगा जवाब

कन्नड़ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता दर्शन थोगुदीप इन दिनों सलाखों के पीछे एक नई कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। इस बार मामला केवल आरोपों का नहीं, बल्कि जेल में मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं का है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने दर्शन की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने जेल प्रशासन पर भोजन और बिजली जैसी प्राथमिक जरूरतों से वंचित रखने का गंभीर आरोप लगाया है। न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कर्नाटक सरकार को नोटिस जारी किया है और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।

अदालत में दर्शन का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि अभिनेता को एक पृथक (आइसोलेशन) कोठरी में रखा गया है, जहाँ न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही उन्हें उचित भोजन दिया जा रहा है। रोहतगी ने कहा कि अदालत की उस पिछली टिप्पणी का गलत फायदा उठाया जा रहा है जिसमें कहा गया था कि जेल में उन्हें ‘पांच सितारा’ सुविधाएं नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि “पांच सितारा सुविधाओं की मनाही का मतलब बुनियादी अधिकारों को छीनना नहीं है।”

गौरतलब है कि पिछले साल 14 अगस्त को शीर्ष अदालत ने इस चर्चित मामले में दर्शन और अन्य आरोपियों की जमानत रद्द कर दी थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने केवल जेल की स्थितियों पर ही नहीं, बल्कि मुकदमे की धीमी रफ्तार पर भी रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने सवाल किया, “अब तक कितने गवाहों से पूछताछ हुई है और राज्य कितने और गवाह पेश करेगा? हमें यह भी जानना है कि निचली अदालत में इस सुनवाई को पूरा होने में कितना वक्त लग सकता है।” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक विचाराधीन कैदी जिन बुनियादी सुविधाओं का हकदार है, वे उसे मिलनी ही चाहिए।

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बता दें कि अभिनेता दर्शन पर अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा और अन्य लोगों के साथ मिलकर 33 वर्षीय रेणुकास्वामी के अपहरण और उसकी हत्या का संगीन आरोप है। पुलिस के मुताबिक, रेणुकास्वामी द्वारा पवित्रा को भेजे गए कथित अश्लील संदेशों के बदले में जून 2024 में बेंगलुरु के एक शेड में उसे तीन दिनों तक बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया था, जिसके बाद उसकी लाश एक नाले से बरामद हुई थी।

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अब सबकी निगाहें एक हफ्ते बाद आने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि जेल में दर्शन के साथ हो रहा बर्ताव नियमानुसार है या वाकई उनके अधिकारों का हनन हो रहा है।


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