सलमान खान के ‘आतंकी’ घोषित होने की खबर का सच: पाकिस्तान सरकार ने दी सफाई
नई दिल्ली: पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को पाकिस्तान में आतंकी घोषित किए जाने की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरीं। कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सलमान खान को पाकिस्तान ने अपनी “आतंकी वॉचलिस्ट” (Terror Watchlist) में शामिल कर लिया है। इन रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका कारण सऊदी अरब में एक कार्यक्रम के दौरान सलमान खान का ‘बलूचिस्तान’ को पाकिस्तान से एक अलग इकाई के रूप में संबोधित करना था।
पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक खंडन
अब इस मामले में पाकिस्तान सरकार ने अपनी ओर से आधिकारिक सफाई पेश की है। पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) ने इन खबरों को पूरी तरह से फर्जी और अप्रमाणित बताया है।
मंत्रालय ने क्या कहा?
रविवार को पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय की फैक्ट-चेकिंग टीम ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल से एक पोस्ट साझा करते हुए इस खबर को “Fake News Unverified” करार दिया। इस पोस्ट में, जिस खबर में सलमान खान को आतंकी बताया गया था, उस पर बड़े अक्षरों में ‘Fake News / Unverified’ का स्टैम्प लगाया गया था।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सलमान खान को पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी कानून (Anti-Terrorism Act) के तहत ‘फोर्थ शेड्यूल’ (Fourth Schedule) में डाले जाने का कोई भी सबूत नहीं मिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न तो किसी सरकारी गजट, न गृह मंत्रालय और न ही NACTA (नेशनल काउंटर टेररिज्म अथॉरिटी) की सूची में उनका नाम शामिल है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा कि कोई भी आधिकारिक सरकारी बयान, नोटिफिकेशन या दस्तावेज़ मौजूद नहीं है जो यह साबित करता हो कि सलमान खान को आतंकवादी सूची में डाला गया है। मंत्रालय ने साफ किया कि ये सभी खबरें केवल कुछ भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स से निकली हैं, जिनका कोई आधिकारिक आधार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध किसी भी रिपोर्ट में इस दावे की पुष्टि नहीं होती है।
मंत्रालय का मानना है कि यह केवल सनसनी फैलाने वाली हेडलाइन प्रतीत होती है, न कि कोई तथ्यात्मक खबर। पाकिस्तान सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की खबरें ‘ऑप्टिक्स’ (optics) यानी मीडिया प्रभाव के लिए चलाई जाती हैं, जिनका उद्देश्य सोशल मीडिया पर चर्चा बढ़ाना और सनसनी फैलाना हो सकता है। सरकार ने साफ किया कि सलमान खान के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई या जांच नहीं चल रही है।
विवाद की जड़ क्या थी?
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सलमान खान ने सऊदी अरब के रियाद में आयोजित Joy Forum 2025 में शाहरुख खान और आमिर खान के साथ मंच साझा किया। इस दौरान उन्होंने कहा था, “आज अगर आप सऊदी अरब में हिंदी फिल्म रिलीज करते हैं तो सुपरहिट होगी। तमिल, तेलुगु या मलयालम फिल्में भी यहां सैकड़ों करोड़ का बिजनेस करती हैं क्योंकि यहां हर देश के लोग काम कर रहे हैं। बलूचिस्तान के लोग हैं, अफगानिस्तान के लोग हैं, पाकिस्तान के लोग हैं, सब यहां काम कर रहे हैं।”
सलमान खान के इस बयान में ‘बलूचिस्तान के लोग’ कहने पर पाकिस्तान के कुछ पत्रकारों और सोशल मीडिया यूजर्स ने यह आरोप लगाया कि उन्होंने बलूचिस्तान को ‘अलग देश’ की तरह प्रस्तुत किया। इसी के बाद यह अफवाह फैली कि उन्हें “टेरर वॉचलिस्ट” में डाल दिया गया है।
बलूचिस्तान: पाकिस्तान का संवेदनशील इलाका
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, जो देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित है। यह इलाका 1947 से ही अलगाववादी आंदोलनों और आत्मनिर्णय की मांगों के लिए जाना जाता है। 1971 में बांग्लादेश बनने के बाद बलूचिस्तान में आजादी की मांग और तेज हो गई। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, 2011 से अब तक 10,000 से ज्यादा बलूच नागरिक लापता हुए हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल और अन्य संस्थाओं ने पाकिस्तान पर मानवाधिकार उल्लंघन और संसाधनों के दोहन का आरोप लगाया है।
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