संजू को दिल दे बैठीं सुलक्षणा, ठुकराने के बाद आजीवन रहीं कुंवारी

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संजू को दिल दे बैठीं सुलक्षणा, ठुकराने के बाद आजीवन रहीं कुंवारी
सुलक्षणा पंडित इस दिग्गज एक्‍टर को दे बैठी थीं दिल, इनकार के बाद ऐसी टूटी कि कभी नहीं की शादी | Sulakshana Pandit love story: actress had proposed to Sanjeev Kumar for marriage, but after his refusal, deep shock, she never got married.

सुलक्षणा पंडित: एक अनकही प्रेम कहानी और एक महान अभिनेत्री का अंत

70 और 80 के दशक की हिंदी सिनेमा की एक जानी-मानी हस्ती, अभिनेत्री और गायिका सुलक्षणा पंडित का गुरुवार रात निधन हो गया। 71 वर्षीय अभिनेत्री लंबे समय से बीमार थीं और 7 नवंबर 2025 को मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती हुई थीं, जहाँ कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया।

सुलक्षणा पंडित का अभिनय करियर 1970 के दशक से लेकर शुरुआती 80 के दशक तक अपने चरम पर था। उस दौर में वे बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक थीं, जिन्होंने जितेंद्र, संजीव कुमार, राजेश खन्ना, विनोद खन्ना, शशि कपूर और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया। इन्हीं में से एक दिग्गज अभिनेता के लिए सुलक्षणा ने अपना दिल दे दिया, लेकिन उस प्रेम कहानी का अंत इतना दर्दनाक था कि उन्होंने अपना पूरा जीवन अविवाहित रहकर बिता दिया और अब वे इस दुनिया को अलविदा कह गईं।

किस अभिनेता पर आया था दिल?

दरअसल, सुलक्षणा पंडित ने 1975 में अपने करियर की पहली फिल्म “उलझन” की थी। मुख्य अभिनेत्री के तौर पर यह उनकी पहली फिल्म थी, और इसके हीरो थे संजीव कुमार। अपनी पहली ही फिल्म के हीरो संजीव कुमार के प्रति सुलक्षणा का दिल आ गया था।

सुलक्षणा ने किया था संजीव कुमार को प्रपोज

सुलक्षणा ने संजीव कुमार के सामने अपने प्यार का इज़हार किया और शादी के लिए प्रपोज किया, लेकिन संजीव ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया। कहा जाता है कि संजीव कुमार हेमा मालिनी से प्यार करते थे, इसलिए उन्होंने सुलक्षणा के प्रस्ताव को ठुकराया था। हालांकि, हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र से शादी कर ली। इस असफल प्रेम कहानी के बाद, संजीव कुमार ने कभी शादी नहीं की, और सुलक्षणा पंडित ने भी जीवन भर अविवाहित रहने का फैसला किया।

संजीव के इंकार के बाद टूट गईं सुलक्षणा

संजीव कुमार के इनकार के बाद सुलक्षणा ने कभी शादी नहीं की। उनके जीवन पर संजीव कुमार के साथ उनके अधूरे रिश्ते का गहरा प्रभाव पड़ा। संजीव कुमार से उनका प्रेम एकतरफा रहा, और उन्होंने जीवन भर अकेले रहने का फैसला किया। संजीव कुमार के इनकार के बाद, सुलक्षणा पंडित मानसिक रूप से टूट गईं और धीरे-धीरे उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और एकांतप्रिय हो गईं। उनके जीवन में एक ऐसा भी समय आया जब वे आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजरीं।

संजीव की मौत के बाद बिगड़ी हालत

अभिनेता संजीव कुमार की मृत्यु के बाद, सुलक्षणा पंडित की मानसिक स्थिति और बिगड़ गई। वे कई वर्षों तक अपनी बहन विजयता पंडित के साथ रहीं। संजीव कुमार की अच्छी दोस्त होने के बावजूद, जब वे उनकी दुल्हन नहीं बन पाईं, तो उन्होंने अपने प्रेम की याद में पूरा जीवन कुंवारेपन में ही गुजार दिया।

सुलक्षणा पंडित का फिल्मी करियर

  • सुलक्षणा पंडित ने 1975 में फिल्म ‘उलझन’ से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने अनिल गांगुली की फिल्म ‘संकोच’ (1976) में ‘परिणीता’ उपन्यास पर आधारित ललिता का किरदार निभाया।
  • उन्होंने बंगाली सिनेमा में भी काम किया और 1978 में फिल्म ‘बंदी’ में दिग्गज अभिनेता उत्तम कुमार के साथ दिखाई दीं।
  • उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘खंजर’, ‘उलझन’ (1975), ‘बजरंग बली’ (1976), ‘भोला भाला’ (1978), ‘बंधन कच्चे धागों का’ (1983), ‘हेरा फेरी’ (1976), ‘आरोप’ (1974), ‘चंबल की कसम’ (1980) और ‘अमीरी गरीबी’ (1974) शामिल हैं।
  • उन्होंने ‘अपनापन’, ‘खानदान’, ‘चेहरे पे चेहरा’, ‘धर्म कांटा’ और ‘वक्त की दीवार’ जैसी फिल्मों में भी यादगार भूमिकाएं निभाईं।

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