प्लेबैक सिंगर जुबिन गर्ग का आखिरी ख्वाब: ब्रह्मपुत्र के तट पर अंतिम संस्कार की इच्छा
नई दिल्ली: प्लेबैक सिंगर जुबिन गर्ग के आकस्मिक निधन ने पूरे संगीत जगत को झकझोर दिया है। सिंगापुर में एक कार्यक्रम के दौरान स्कूबा डाइविंग करते हुए उनका देहांत हो गया, जिससे उनके चाहने वाले अभी भी सदमे में हैं। सोशल मीडिया पर उनके गाने और पुराने वीडियो फिर से साझा किए जा रहे हैं, और फैंस उन्हें नम आँखों से याद कर रहे हैं।
एक इंटरव्यू में बयां किया था दिल का हाल
जुबिन गर्ग के निधन के बाद, उनका एक पुराना इंटरव्यू तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपने जीवन और मृत्यु को लेकर खुलकर बात की थी। उन्होंने कहा था, “मैं चाहता हूं कि मेरा सब कुछ लोगों के लिए हो। मुझे ऐसा करने में खुशी मिलती है। मेरा स्टूडियो मेरा घर है। मैं अपना अंतिम समय टिल्ला में बिताना चाहता हूं, जिसे बोरफुकोनार टिल्ला या इताखुली टिल्ला भी कहते हैं। यह महाबाहु ब्रह्मपुत्र नदी का हेरिटेज सेंटर है।”
अद्भुत जगह पर अंतिम विदाई की चाहत
उन्होंने आगे कहा था, “यह बहुत अच्छी जगह है। सच कहूं तो, यह अद्भुत जगहों में से एक है। वहां एक छोटा सा बंगला होगा। मैं वहीं रहूंगा और वहीं मर जाऊंगा। जब मैं मर जाऊं, तो लोग मुझे वहीं जला दें या ब्रह्मपुत्र में विसर्जित कर दें। मैं जवान हूं, मैं रैम्बो जैसा हूं।”
शानदार करियर और नेक दिल इंसान
जुबिन गर्ग का करियर बेहद शानदार रहा। ‘गैंगस्टर’ फिल्म के गाने ‘या अली’ से लेकर ‘कृष-3’ के ‘दिल तू ही बता’ जैसे हिट गानों और अनगिनत असमिया गीतों के ज़रिए उन्होंने लाखों दिलों में अपनी जगह बनाई। मुंबई से अपने करियर की शुरुआत कर उन्होंने अपनी आवाज़ को पूरी दुनिया में पहुंचाया। वे एक बेहतरीन गायक होने के साथ-साथ बेहद नेक दिल इंसान भी थे।
समाज सेवा में सक्रिय योगदान
अपनी ‘कलागुरु आर्टिस्ट फाउंडेशन’ के ज़रिए जुबिन ने ज़रूरतमंदों की मदद की और फुटबॉल चैरिटी मैचों में भी भाग लिया। कोविड महामारी के दौरान, उन्होंने अपने गुवाहाटी स्थित घर को कोविड केयर सेंटर में बदल दिया था, जो उनकी उदारता को दर्शाता है। वे हमेशा अपने प्रशंसकों के दिलों में जीवित रहेंगे।
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