लद्दाख में 24 सितंबर 2025 को हुई हिंसा में चार लोगों की मौत की पहली बरसी पर सोनम वांगचुक ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इससे पहले 23 सितंबर को 20 किलोमीटर की प्रतीकात्मक पदयात्रा होगी। कार्यक्रम में मृतकों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे और आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने की मांग उठाई जाएगी।
24 सितंबर को होगा ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रम
लद्दाख में पिछले साल 24 सितंबर को हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी। इस घटना की पहली बरसी पर सोनम वांगचुक के कार्यालय की ओर से 24 सितंबर को ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी दी गई है।
वांगचुक ने लोगों से इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। इससे पहले 23 सितंबर को लेह में 20 किलोमीटर की प्रतीकात्मक पदयात्रा प्रस्तावित है।
मौसम के कारण बदला आंदोलन का कार्यक्रम
वांगचुक और लद्दाख के अन्य नेताओं ने पहले 19 से 24 सितंबर तक बड़े आंदोलन की योजना बनाई थी। हालांकि ठंड और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए लंबे मार्च को स्थगित कर दिया गया।
अब इसकी जगह 23 सितंबर को 20 किलोमीटर की प्रतीकात्मक पदयात्रा और अगले दिन ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
मृतकों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग
लद्दाख के प्रतिनिधि संगठन लंबे समय से 24 सितंबर की घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे और आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
लद्दाख प्रशासन ने सितंबर 2025 की हिंसा में मारे गए चार लोगों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल 24 लोगों को 3-3 लाख रुपये देने की मंजूरी दी है। मामूली रूप से घायल 20 लोगों के लिए 1-1 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। कुल वित्तीय सहायता 1.52 करोड़ रुपये है।
मुआवजे की राशि पर वांगचुक ने जताई असहमति
मुआवजे की घोषणा के बाद सोनम वांगचुक ने इसकी राशि को लेकर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि इस मुआवजे को देखकर उन्हें खुशी नहीं, बल्कि शर्म महसूस हुई।
यह बयान वांगचुक की प्रतिक्रिया थी। वहीं लद्दाख प्रशासन ने कहा है कि कोई भी मुआवजा जान गंवाने की भरपाई नहीं कर सकता, लेकिन सहायता प्रभावित परिवारों के साथ प्रशासन के समर्थन को दर्शाती है।
केंद्र के साथ बातचीत में नहीं बनी सहमति
लद्दाख के प्रतिनिधियों की केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ बातचीत में संवैधानिक सुरक्षा और निर्वाचित शासन व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठते रहे हैं। हाल की बैठकों के बाद लद्दाख के नेताओं ने प्रस्तावित व्यवस्था का लिखित मसौदा सामने नहीं आने पर निराशा जताई है।
Leh Apex Body और Kargil Democratic Alliance लंबे समय से लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा, छठी अनुसूची और निर्वाचित व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
वांगचुक NSA के तहत हिरासत में भी रहे
24 सितंबर 2025 की हिंसा के दो दिन बाद, 26 सितंबर को सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में उनकी हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी थी। गृह मंत्रालय ने उस समय कहा था कि सरकार लद्दाख के विभिन्न पक्षों के साथ रचनात्मक संवाद के लिए प्रतिबद्ध है।
लद्दाख प्रशासन ने अक्टूबर 2025 में 24 सितंबर की घटना की न्यायिक जांच का आदेश दिए जाने की भी जानकारी दी थी।
23 और 24 सितंबर पर रहेगी नजर
अब 23 सितंबर की प्रतीकात्मक पदयात्रा और 24 सितंबर के ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रम के जरिए लद्दाख के नेता एक बार फिर मृतकों के परिवारों के मुआवजे, मामलों की वापसी और क्षेत्र की संवैधानिक मांगों को सामने रखेंगे।लद्दाख में 24 सितंबर को ‘शहीद दिवस’ मनाएंगे सोनम वांगचुक, मृतकों के परिवारों के मुआवजे और केस वापसी की मांग
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