प्रस्तुत है मूल लेख का एक नया, आकर्षक और रोचक स्वरूप, जो बिना किसी तथ्यात्मक परिवर्तन या लंबाई में बदलाव के तैयार किया गया है:
उच्च न्यायालय का सख्त रुख: उच्च शिक्षा सचिव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
भुवनेश्वर। ओडिशा उच्च न्यायालय ने उच्च शिक्षा सचिव अरविंद अग्रवाल के खिलाफ अदालत की अवमानना के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी करने का कड़ा आदेश दिया है। 2007 बैच के आईएएस अधिकारी अग्रवाल पर यह कार्रवाई उच्च शिक्षा विभाग के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी, तपन कुमार पटनायक, से जुड़े मामले में अदालत के आदेश का पालन न करने के कारण हुई है।
मामला क्या है?
यह मामला उस मामले से जुड़ा है जिसमें तपन कुमार पटनायक को वेतन वृद्धि से वंचित कर दिया गया था। न्यायालय ने 30 जुलाई, 2025 को एक पूर्व आदेश जारी किया था, जिसमें सरकार को आठ सप्ताह के भीतर एक विशिष्ट अभ्यावेदन पर निर्णय लेने का निर्देश दिया गया था। इस विवाद के निपटारे के लिए याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर साक्ष्य सहित उचित अभ्यावेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी गई थी। नियमानुसार, यदि ऐसा अभ्यावेदन प्रस्तुत किया जाता है, तो संबंधित विपक्षी पक्ष को अगले आठ सप्ताह के भीतर उस पर निर्णय लेना होगा। यह स्पष्ट किया गया था कि निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा और इस पर कोई लागत नहीं लगाई जाएगी।
अदालत की नाराजगी का कारण
12 दिसंबर, 2025 को हुई सुनवाई के दौरान, अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता (एजीए) ने अदालत को आश्वासन दिया था कि अनुपालन की रिपोर्ट अगली सुनवाई तक प्रस्तुत कर दी जाएगी। हालांकि, 16 जनवरी, 2026 तक, अनुपालन का कोई प्रमाण नहीं मिला। न्यायाधीश ने इस विलंब को "वचन का उल्लंघन" और "गंभीर अवमानना" माना।
गिरफ्तारी वारंट का आदेश
अदालत ने अपने आदेश में कहा, "इस मामले में 16.12.2025 को पारित आदेश के अंतिम भाग में दी गई चेतावनी के बावजूद, कोई अनुपालन नहीं हुआ है। अवमानना करने वाले बेहद निर्लज्ज प्रतीत होते हैं।" इन परिस्थितियों को देखते हुए, न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने और अवमानना करने वालों को 22 जनवरी, 2026 को अदालत के समक्ष पेश करने का आदेश दिया। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस बीच आदेश का अनुपालन कर लिया जाता है, तो अवमानना करने वालों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इसे भी पढ़ें: Mumbai में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर 23 जनवरी को सुनवाई होगी : उच्च न्यायालय
इसे भी पढ़ें: Jan Gan Man: Swami Avimukteshwaranand Saraswati क्या सचमुच Shankaracharya नहीं हैं? आखिर क्या कहा था Supreme Court ने?
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
