अकाल तख्त के सामने पेश हुए CM भगवंत मान: सिख परंपरा विवाद पर मिली चेतावनी, जांच के लिए मांगी फोरेंसिक लैब
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान हाल ही में सिख परंपराओं पर अपनी टिप्पणियों के कारण उठे विवाद के बाद अकाल तख्त सचिवालय के समक्ष पेश हुए। कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने साफ तौर पर कहा कि भविष्य में इस तरह की टिप्पणियों के खिलाफ मान को कड़ी चेतावनी दी गई है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत किए गए स्पष्टीकरण की अब पांच सिंह साहिबान (सिख धर्मगुरु) समीक्षा करेंगे।
फोरेंसिक जांच पर बनी सहमति
गर्गज्ज ने इस बात की पुष्टि की कि मान ने अनुचित टिप्पणी करने की बात स्वीकार कर ली है और विवादास्पद वीडियो की फोरेंसिक जांच के लिए भी सहमति जताई है। अकाल तख्त, जो सिखों के लिए सर्वोच्च अस्थायी प्राधिकार है, वीडियो की प्रामाणिकता को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करने की योजना बना रहा है। गौरतलब है कि मान ने पहले दावा किया था कि वीडियो या तो फर्जी है या एआई-जनित है, और उन्होंने इसकी भारत में किसी भी फोरेंसिक लैब में जांच कराने की बात कही थी।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब गर्गज्ज ने 5 जनवरी को गुरु की गोलक (गुरुद्वारा दान पेटी), और सिख गुरुओं व जरनैल सिंह भिंडरांवाले की छवियों से जुड़ी गतिविधियों पर की गई टिप्पणियों को लेकर मान को तलब किया था। मान के सचिवालय में पेश होने के दौरान, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह भी मौजूद थे।
गर्गज्ज ने मान से प्रत्येक आरोप पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा। मान ने पिछली गलतियों को स्वीकार किया और वीडियो की फोरेंसिक जांच के लिए अपनी सहमति व्यक्त की। जत्थेदार ने इस बात पर जोर दिया कि सिख परंपराओं और आंतरिक मामलों पर मान की पहले की टिप्पणियां अनुचित थीं और सिख समुदाय को आहत करने वाली थीं।
क्या दिखाया गया मान को?
समझने में सहायता के लिए, गर्गज्ज ने मान को सिख रहत मर्यादा और मासिक गुरुद्वारा गजट पत्रिका की एक प्रति प्रस्तुत की। इन दस्तावेजों में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के आय और व्यय के रिकॉर्ड का विवरण दिया गया है। मान को इन सामग्रियों का अच्छी तरह से अध्ययन करने की सलाह दी गई।
आगे की कार्रवाई क्या होगी?
मुख्यमंत्री को वीडियो की जांच के लिए दो फोरेंसिक प्रयोगशालाओं का सुझाव देने के लिए कहा गया है। इन सुझावों के अतिरिक्त, अकाल तख्त अपनी स्वयं की फोरेंसिक जांच भी करेगा। निष्कर्षों को आगे की कार्रवाई के लिए खालसा पंथ के साथ साझा किया जाएगा। गर्गज्ज ने इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि किसी के चरित्र को बदनाम न किया जाए, जिसके लिए एक गहन फोरेंसिक जांच की आवश्यकता है।
गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों पर भी चर्चा
मान के साथ हुई चर्चा को सौहार्दपूर्ण बताया गया। गुरु ग्रंथ साहिब के 328 लापता स्वरूपों के मुद्दे पर, गर्गज्ज ने पंजाब सरकार और मान से सावधानी बरतने और तथ्य-आधारित बयान देने की सलाह दी। उन्होंने अकाल तख्त के निर्देशानुसार इस संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण करने के खिलाफ चेतावनी दी।
अपनी उपस्थिति के दौरान, मान ने एसजीपीसी के प्रशासनिक मामलों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। इन दस्तावेजों को अकाल तख्त में सचिवालय के प्रभारी द्वारा प्राप्त किया गया है और एसजीपीसी के साथ संवाद करने से पहले उनकी समीक्षा की जाएगी।
(With inputs from PTI)
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