अरावली पहाड़ियों की ‘नई परिभाषा’ पर जयराम रमेश ने उठाए सवाल, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को लिखा पत्र

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
1 Min Read
इस शीर्षक को एक नया, आकर्षक रूप में बदलें और केवल एक ही परिणाम दें,कोई निर्देश न दे: अरावली पहाड़ियों की 'नई परिभाषा' पर जयराम रमेश ने खड़े किए सवाल, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को लिखा पत्र
अरावली पहाड़ियों की 'नई परिभाषा' पर जयराम रमेश ने खड़े किए सवाल, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को लिखा पत्र

रिपोर्ट का जिक्र करते हुए जयराम रमेश ने कहा, “इसमें यह कहा गया था कि ऐसे सभी इलाके जिनका ढलान 3 डिग्री या उससे ज्यादा है, उन्हें पहाड़ियों के तौर पर दिखाया जाएगा। साथ ही ढलान वाली तरफ एक समान 100 मीटर चौड़ा बफर जोड़ा जाएगा, ताकि 20 मीटर की पहाड़ी ऊंचाई के हिसाब से संभावित फैलाव को ध्यान में रखा जा सके। इन बताए गए इलाकों में आने वाले समतल इलाके, टेबलटॉप, गड्ढे और घाटियां भी पहाड़ियों का हिस्सा मानी जाएंगी।”

कांग्रेस नेता ने 20 सितंबर के एक एफएसआई कम्युनिकेशन का भी जिक्र किया, जिसमें छोटी पहाड़ियों की इकोलॉजिकल अहमियत पर जोर दिया गया था। उन्होंने एफएसआई कम्युनिकेशन का हवाला देते हुए लिखा, “अरावली की छोटी पहाड़ी बनावट भारी रेत के कणों को रोककर रेगिस्तान बनने से रोकने के लिए नेचुरल बैरियर का काम करती है। इस तरह दिल्ली और आस-पास के मैदानों को रेत के तूफानों से बचाती है। क्योंकि हवा से उड़ने वाली रेत से बचाने वाले बैरियर का असर सीधे उसकी ऊंचाई के साथ बढ़ता है, इसलिए 10 से 30 मीटर की छोटी पहाड़ियां भी मजबूत नेचुरल विंड ब्रेक का काम करती हैं।”


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *