सहारनपुर के कुएं की ASI ने की जांच, शुरुआती आकलन में सामने आई 200 से 300 साल पुरानी संरचना

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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मस्जिद हटाए जाने के बाद जमीन के नीचे मिले पुराने कुएं ने सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर की कहानी को नया मोड़ दे दिया है। ASI की शुरुआती जांच में संरचना 200 से 300 साल पुरानी बताई गई है, लेकिन अंतिम तस्वीर खुदाई और विस्तृत जांच के बाद ही साफ होगी।

ध्वस्तीकरण के बाद सामने आया कुआं

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासन द्वारा हटाई गई अवैध मस्जिद के बाद एक कुआं सामने आया। अचानक दिखाई दी इस संरचना ने स्थानीय स्तर पर उत्सुकता बढ़ा दी। अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने मौके पर पहुंचकर कुएं की प्राथमिक जांच की है।

सीढ़ियों के सहारे अंदर उतरी टीम

सोमवार को ASI अधिकारी मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में टीम ने कुएं की संरचना को करीब से देखा। अधिकारी सीढ़ियों के सहारे अंदर उतरे और निर्माण शैली तथा संरचना का प्राथमिक निरीक्षण किया। शुरुआती आकलन में कुआं करीब 200 से 300 साल पुराना दिखाई दिया।

इस अनुमान ने कुएं को लेकर चर्चा और बढ़ा दी है, क्योंकि ASI के मुताबिक इसकी संरचना उस स्थान पर बनी मस्जिद से भी पुरानी हो सकती है।

असली उम्र खुदाई के बाद पता चलेगी

ASI ने फिलहाल इसे शुरुआती आकलन बताया है। अधिकारियों के मुताबिक कुएं की उम्र, निर्माण काल और ऐतिहासिक महत्व के बारे में ज्यादा ठोस जानकारी खुदाई के बाद ही सामने आ सकती है। इसके लिए प्रशासन की अनुमति और आगे की प्रक्रिया जरूरी होगी।

यानी अभी इस संरचना को लेकर किसी अंतिम ऐतिहासिक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

मस्जिद कमेटी का दावा अलग

कुएं को लेकर मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली ने अलग दावा किया है। उनका कहना है कि मस्जिद में वजू के लिए पहले से कुएं का इस्तेमाल होता था और यह भी उन्हीं कुओं में से एक था।

इस बयान और ASI के शुरुआती आकलन ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब वैज्ञानिक और पुरातात्विक जांच से मिलने वाले तथ्यों पर सबकी नजर है।

इतिहास की परतें खोलने का इंतजार

ASI अधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि पुरानी संरचनाएं मिलना अपने आप में असामान्य नहीं है। इसलिए कुएं की वास्तविक उम्र और महत्व का फैसला केवल विस्तृत जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।

सहारनपुर का यह कुआं फिलहाल सवालों से घिरा है, जवाबों से नहीं। 200 से 300 साल पुरानी संरचना का शुरुआती अनुमान जरूर महत्वपूर्ण है, लेकिन इतिहास दावों से नहीं, प्रमाणों से तय होता है। अब प्रशासनिक अनुमति और वैज्ञानिक जांच बताएगी कि जमीन के नीचे छिपी यह संरचना आखिर किस दौर की कहानी कहती है।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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