एशिया की नई महाशक्ति: भारत ने जापान और रूस को पछाड़ा, बना तीसरा सबसे शक्तिशाली राष्ट्र

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
5 Min Read
एशिया की नई महाशक्ति: भारत ने जापान और रूस को पछाड़ा, बना तीसरा सबसे शक्तिशाली राष्ट्र
Japan, Russia को पीछे छोड़ भारत ने Asia Power Index में हासिल किया तीसरा स्थान, मिला Major Power का दर्जा

एशिया की शक्ति शطرंज़ पर भारत की निर्णायक चाल: लोवी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट का नया अध्याय

ऑस्ट्रेलिया स्थित थिंक-टैंक, लोवी इंस्टीट्यूट, द्वारा जारी प्रतिष्ठित एशिया पावर इंडेक्स ने भारत के उत्थान की एक नई गाथा लिखी है। आर्थिक और सैन्य क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि तथा मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफल निष्पादन की बदौलत, भारत ने एशिया की तीसरी सबसे बड़ी शक्ति के रूप में अपना स्थान पक्का किया है। यह बहुप्रतीक्षित ‘मेजर पावर’ का दर्जा, भारत की महत्वाकांक्षी विकास यात्रा का एक मील का पत्थर है।

जहाँ एक ओर अमेरिका (80.5 अंक) और चीन (73.7 अंक) शीर्ष दो स्थानों पर काबिज हैं, वहीं भारत ने 40 अंक प्राप्त कर जापान (38.8) और रूस (32.1) जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए तीसरी पायदान हासिल की है। यह एक उल्लेखनीय छलांग है, खासकर तब जब 2024 में भारत ‘मिडल पावर’ की श्रेणी में था और उसके अंक मात्र 38.1 थे।

आर्थिक मज़बूती और सैन्य पराक्रम: भारत की शक्ति के स्तंभ

रिपोर्ट के अनुसार, भारत की इस शानदार प्रगति के पीछे मुख्य रूप से उसकी आर्थिक और सैन्य क्षमताओं में आई तेज़ी है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में वृद्धि के चलते, भारत आर्थिक संबंधों की श्रेणी में नौवें स्थान पर आ गया है। लोवी इंस्टीट्यूट ने यह भी रेखांकित किया है कि भू-राजनीतिक प्रासंगिकता के मामले में भारत ने मध्यम स्तर की वृद्धि दर्ज की है, जो अंतर्राष्ट्रीय संपर्क, रणनीतिक प्रभाव और तकनीकी विकास जैसे महत्वपूर्ण तत्वों का परिणाम है।

सैन्य क्षमता के मोर्चे पर भी भारत की स्थिति मज़बूत हुई है। विशेषज्ञों द्वारा भारत की क्षमताओं के अधिक सटीक मूल्यांकन के साथ-साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियानों के सफल प्रदर्शन ने इस प्रगति में निर्णायक भूमिका निभाई है।

चुनौतियों का सामना: रक्षा साझेदारी में गिरावट और भविष्य की राह

हालांकि, हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। जहाँ एक ओर भारत ने कई मोर्चों पर प्रगति की है, वहीं रक्षा साझेदारी नेटवर्क के मामले में उसे थोड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा है। 2024 की तुलना में दो पायदान नीचे खिसकर, भारत अब 11वें स्थान पर है, और फिलीपींस तथा थाईलैंड जैसे देश उससे आगे निकल गए हैं।

इसके बावजूद, पिछले दस वर्षों के आँकड़े बताते हैं कि भारत ने अमेरिका के बाद सबसे अधिक निवेश आकर्षित करने वाले देश के रूप में चीन को पछाड़ दिया है। यह दर्शाता है कि भारत के सैन्य अनुभव और आर्थिक गति ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उसकी स्थिति को मज़बूत किया है।

बदलते समीकरणों का संकेत: एक नई शक्ति का उदय

लोवी इंस्टीट्यूट की इस रिपोर्ट का महत्व केवल संख्यात्मक उपलब्धि तक सीमित नहीं है। यह वैश्विक राजनीति के बदलते समीकरणों का भी संकेत देती है। एशिया की भू-राजनीति, जो लंबे समय से अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा के इर्द-गिर्द घूमती रही है, अब भारत के उदय से एक नया आयाम प्राप्त कर रही है। भारत, इस द्विध्रुवीय ढांचे को चुनौती देने की क्षमता दिखा रहा है।

भविष्य की राह: महाशक्ति बनने का सफर

इस प्रगति के पीछे जहाँ आर्थिक गति और सैन्य पराक्रम मुख्य कारक हैं, वहीं भारत को महाशक्ति बनने की अपनी राह पर कई चुनौतियों का सामना करना है। रक्षा साझेदारी को मज़बूत करना, अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना, और आर्थिक सुधारों, तकनीकी नवाचार तथा रक्षा आधुनिकीकरण में निरंतर निवेश करना, आने वाले दशक की सबसे बड़ी चुनौतियाँ होंगी।

40 अंक से 73 या 80 अंकों तक की यात्रा निश्चित रूप से आसान नहीं होगी, लेकिन भारत की वर्तमान दिशा और गति, उसे सही रास्ते पर ले जा रही है। यह रैंकिंग भारत की बढ़ती शक्ति का प्रमाण है, और साथ ही यह एक अनुस्मारक भी है कि असली लक्ष्य महाशक्ति बनना है, जो तभी संभव है जब आर्थिक विकास के साथ-साथ विदेश नीति की सक्रियता और रक्षा सहयोगों का दायरा भी समान रूप से बढ़े। भारत सही दिशा में है, पर गति को बनाए रखना और उसे तेज करना ही आने वाले वर्षों में उसकी निर्णायक जीत का मार्ग प्रशस्त करेगा।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *