उत्तर बंगाल में भाजपा नेताओं पर हमले का मामला: दो गिरफ्तार, राजनीतिक घमासान तेज
उत्तर बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर हुए हमले के सिलसिले में बंगाल पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह पहली बार है जब स्थानीय पुलिस ने भाजपा नेताओं पर हमले के मामले में कोई गिरफ्तारी की है।
घटनाक्रम और गिरफ्तारी:
अधिकारियों के अनुसार, एक व्यक्ति को नागराकाटा से और दूसरे को जयगांव से पकड़ा गया है। ये गिरफ्तारियां सोमवार को जलपाईगुड़ी के नागराकाटा इलाके में तब हुईं जब दोनों नेता बाढ़ प्रभावित समुदायों को राहत सामग्री पहुंचाने के कार्य में लगे थे। इसी दौरान उन पर पथराव किया गया।
भाजपा का आरोप और तृणमूल का खंडन:
भाजपा नेताओं ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पश्चिम बंगाल में “टीएमसी का जंगल राज” करार दिया। उन्होंने लिखा, “भाजपा सांसद खगेन मुर्मू, एक सम्मानित आदिवासी नेता और उत्तरी मालदा से दो बार सांसद रहे, पर राहत और बचाव कार्यों में मदद करने के लिए जाते समय टीएमसी के गुंडों ने हमला किया।”
प्रधानमंत्री मोदी की कड़ी प्रतिक्रिया:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को “बेहद भयावह” बताते हुए पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों की सेवा करने वाले हमारे पार्टी सहयोगियों, जिनमें एक वर्तमान सांसद और विधायक भी शामिल हैं, पर जिस तरह से हमला किया गया, वह टीएमसी की असंवेदनशीलता और राज्य की बेहद दयनीय कानून-व्यवस्था को दर्शाता है।” उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार से हिंसा में लिप्त होने के बजाय राहत कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का भी आग्रह किया।
राजनीतिक गरमाहट:
यह घटना पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी और मुख्य विपक्षी दल भाजपा के बीच पहले से ही चल रहे राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकती है। भाजपा द्वारा टीएमसी पर लगाए गए आरोप और प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया से यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोर रहा है।
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