बिहार के मत्स्यपालकों को मिलेगा एक्वाकल्चर बीमा का लाभ

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bihar indigenous fish farmers will benefit from the aquaculture insurance scheme

मत्स्यपालकों के लिए सरकारी सौगात: एक लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र को बीमा सुरक्षा

केंद्र सरकार देश भर के मत्स्यपालकों के कल्याण के लिए एक बड़ी पहल के तहत प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि -सह- योजना के माध्यम से एक लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र को बीमा सुरक्षा प्रदान करने जा रही है। इस योजना के अंतर्गत, मीठे पानी में देशी मछलियों, जैसे कतला, कॉमन कार्प, मृगल, रोहु, सिल्वर कार्प आदि का पालन करने वाले मत्स्यपालकों को एनएफडीपी पोर्टल पर ‘जल कृषि बीमा योजना’ के लिए आवेदन करने हेतु आमंत्रित किया गया है। सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल मत्स्यपालकों को सशक्त बनाएगी, बल्कि उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करेगी।

किसे मिलेगा लाभ?

इस बीमा योजना का लाभ एक्वाकल्चर किसानों, मत्स्यपालकों, केजकल्चर से जुड़े मत्स्य कृषकों, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी संस्थाओं के साथ-साथ मछली पालन के क्षेत्र में सूक्ष्म और लघु उद्यम स्थापित करने वाले उद्यमियों को प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि -सह- योजना के तहत मिलेगा। योजना का लाभ उठाने के लिए मत्स्य कृषकों का एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रत्येक जिले के मत्स्य कार्यालयों से प्राप्त की जा सकती है।

बीमा के दो विकल्प

मत्स्यपालकों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार दो प्रकार के बीमा – ‘मूलभूत बीमा’ और ‘व्यापक बीमा’ – में से चुनने का विकल्प मिलेगा।

  • मूलभूत बीमा: यह बीमा बाढ़, चक्रवात, प्रदूषण, सूखा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करेगा।
  • व्यापक बीमा: यह बेसिक इंश्योरेंस के तहत आने वाले सभी जोखिमों के साथ-साथ, मछलियों में होने वाले रोगों और अन्य अप्रत्याशित कारणों से उत्पन्न होने वाले अतिरिक्त जोखिमों को भी कवर करेगा।

प्रोत्साहन राशि का प्रावधान

इस योजना के तहत, जिन कृषकों ने बीमा प्रीमियम राशि का भुगतान करके बीमा पॉलिसी खरीदी है, उन्हें प्रीमियम राशि का 40% ‘वन टाइम इंटेंसिव’ के रूप में प्रोत्साहन राशि के तौर पर वापस दिया जाएगा। ‘वन टाइम इंटेंसिव’ की अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये है, जो छोटे किसानों को विशेष प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला मत्स्यपालकों के लिए यह प्रोत्साहन राशि 10% अतिरिक्त होगी, जिससे उन्हें कुल 1.10 लाख रुपये का लाभ मिलेगा।


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