प्रशांत भूषण के ‘रिजीम चेंज’ बयान पर BJP का पलटवार, बोली- ‘जो बांग्लादेश में हुआ वही दोहराना चाहते हैं’

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रशांत भूषण के ‘सत्ता परिवर्तन’ वाले बयान के बाद बीजेपी ने विपक्ष और प्रदर्शनकारियों पर जोरदार हमला बोला है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों का मकसद लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को चुनौती देना नहीं, बल्कि अराजकता के जरिए सत्ता परिवर्तन करना है। हालांकि, बीजेपी के आरोपों पर प्रदर्शनकारियों और विपक्ष का अपना पक्ष है।

प्रशांत भूषण ने ‘सत्ता परिवर्तन’ की कही बात

प्रशांत भूषण ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रदर्शनकारी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ असंतोष व्यक्त करना अपराध नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार प्रदर्शन को दबाने की कोशिश करती रही तो ज्यादा लोग सड़कों पर उतरेंगे। प्रशांत भूषण ने यह भी सवाल उठाया कि अगर बीजेपी ने अतीत में सत्ता परिवर्तन के लिए आंदोलन किए हैं, तो विपक्ष के ऐसे अभियान पर सवाल क्यों उठाया जा रहा है।

राजनाथ सिंह ने लगाया ‘अराजकता’ का आरोप

प्रशांत भूषण के बयान के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी युवाओं को अराजकता की राजनीति का मोहरा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘सत्ता परिवर्तन’ और बांग्लादेश से प्रेरणा लेने जैसी टिप्पणियों से प्रदर्शनकारियों का एजेंडा स्पष्ट होता है। उन्होंने राहुल गांधी और उनके सहयोगियों से लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनमत का सम्मान करने की अपील भी की।

BJP ने नेहा बोरा के वीडियो का किया जिक्र

बीजेपी ने प्रदर्शनकारी समूह से जुड़ी नेहा बोरा के एक वीडियो को भी अपने आरोपों के समर्थन में पेश किया। पार्टी का दावा है कि वीडियो में नेहा बोरा ने बांग्लादेश में हुए Gen Z आंदोलन को प्रेरणा बताया था।

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके राजनीतिक सहयोगियों का उद्देश्य केवल सरकार का विरोध करना नहीं, बल्कि ‘रिजीम चेंज’ करना है। पार्टी ने वीडियो को इसी दावे के समर्थन में इस्तेमाल किया है।

हालांकि, किसी वीडियो या बयान को पूरे आंदोलन के सामूहिक उद्देश्य का प्रमाण मानने से पहले उसके पूरे संदर्भ और संबंधित पक्षों के जवाब को देखना जरूरी है।

राहुल गांधी पर भी BJP का निशाना

राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र का अर्थ अराजकता फैलाना या संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करना नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी से अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्ममंथन करने की सलाह दी।

दूसरी तरफ, प्रदर्शनकारी पक्ष का कहना है कि उनका आंदोलन चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े सवालों को लेकर है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक टकराव का बड़ा केंद्र बन सकता है।

बांग्लादेश का संदर्भ क्यों महत्वपूर्ण?

बीजेपी लगातार बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रम को प्रदर्शनकारियों के ‘रिजीम चेंज’ वाले बयान से जोड़ रही है। पार्टी का आरोप है कि भारत में भी उसी तरह का राजनीतिक बदलाव लाने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, विरोध प्रदर्शन से जुड़े लोगों का तर्क है कि सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध और सत्ता परिवर्तन की लोकतांत्रिक मांग अपने आप में असंवैधानिक नहीं है। इसलिए इस पूरे विवाद में बयान, उसके संदर्भ और आंदोलन के वास्तविक उद्देश्य तीनों महत्वपूर्ण हैं।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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