जीएसटी पर घमासान: कांग्रेस के तीखे सवाल, भाजपा पर ‘गब्बर सिंह टैक्स’ का आरोप
जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) को लेकर कांग्रेस सरकार पर लगातार सवाल उठा रही है। पार्टी का कहना है कि जीएसटी की मूल भावना को सरकार ने विकृत कर दिया है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने एक बार फिर इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जीएसटी की परिकल्पना कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस सरकार की थी, जिसका उद्देश्य पूरे देश में एक सरल कर प्रणाली लागू करना था, न कि इसे कई स्लैब में बांटकर आम नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर कम करना।
‘गब्बर सिंह टैक्स’ से ‘जीएसटी की भावना’ तक का सफर
अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस की जीएसटी की भावना को उधार लेकर, भारी ढिंढोरा पीटते हुए इसे लागू किया। उन्होंने कहा कि जिस जीएसटी का उद्देश्य करों को सरल बनाना था, उसे वर्तमान एनडीए सरकार ने ‘गब्बर सिंह टैक्स’ में तब्दील कर दिया है। सदन के अंदर और बाहर बार-बार की जा रही स्लैब कम करने की मांग अब जाकर पूरी हुई है।
मोदी के ‘यू-टर्न’ पर जयराम रमेश का वार
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए जीएसटी का कड़ा विरोध किया था। रमेश ने एएनआई से बातचीत में कहा कि 2006 से 2014 तक, आठ वर्षों तक, केवल एक मुख्यमंत्री ने जीएसटी का विरोध किया, और वह मुख्यमंत्री 2014 में प्रधानमंत्री बने और 2017 में यू-टर्न लेते हुए जीएसटी के ‘मसीहा’ के रूप में उभरे।
एमएसएमई क्षेत्र की अनदेखी और ‘आठ साल देर से’ सुधार
जयराम रमेश ने हाल ही में घोषित जीएसटी सुधारों को भी सीमित बताया। उन्होंने कहा कि ये सुधार एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र की प्रक्रियात्मक जटिलताओं को दूर करने में खास मददगार नहीं हैं। रमेश ने यह भी याद दिलाया कि जीएसटी लागू करने का प्रस्ताव सबसे पहले पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने 2006 में पेश किया था और 2010 में इसे विधेयक के रूप में संसद में रखा गया था। उन्होंने कटाक्ष किया कि जब ट्रंप ने टैरिफ लगाए, तब सरकार कर ढांचे में सुधार करने के लिए मजबूर हुई और अब वे इसे उत्सव की तरह मना रहे हैं, जबकि वे आठ साल देर से आए हैं।
कांग्रेस का दावा: जीएसटी की परिकल्पना हमारी, क्रियान्वयन भाजपा का
कांग्रेस का कहना है कि जीएसटी की मूल परिकल्पना और इसके फायदे देशवासियों तक पहुंचाने की मंशा कांग्रेस की थी, लेकिन भाजपा ने इसे अपने ढंग से लागू कर इसके उद्देश्यों को ही बदल दिया। पार्टी अब भी जीएसटी को और सरल बनाने और आम आदमी को राहत देने की मांग पर अड़ी हुई है।
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