2025 का एकता दिवस: केवड़िया में गूंजी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की धुन
गुजरात के केवड़िया में स्थित विशाल ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर 31 अक्टूबर, 2025 को राष्ट्रीय एकता दिवस का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को एकता और अखंडता की शपथ दिलाई। यह दिन लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का प्रतीक है, जो भारत की एकता और अखंडता के अग्रदूत थे।
विविधता में एकता का अद्भुत संगम
गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में देश की विविधता में छिपी एकता का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। इस वर्ष का समारोह विशेष था, क्योंकि गणतंत्र दिवस की तर्ज पर एक ‘राष्ट्रीय एकता परेड’ का आयोजन किया गया। इस परेड में ‘विविधता में एकता’ की थीम को जीवंत किया गया, जिसमें गुजरात, जम्मू और कश्मीर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, मणिपुर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और पुडुचेरी जैसे विभिन्न राज्यों की झांकियों ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को खूबसूरती से पेश किया।
सुरक्षा बलों का शौर्य और समर्पण
परेड में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और विभिन्न राज्य पुलिस बलों की टुकड़ियों ने अपनी अनुशासित मार्च से दर्शकों का मन मोह लिया। इस वर्ष की एक खास बात थी बीएसएफ के श्वान दस्ते का प्रदर्शन, जिसमें रामपुर और मुधोल हाउंड जैसी भारतीय नस्ल के कुत्तों ने अपने ऑपरेशनल स्किल्स का लोहा मनवाया। परेड में सीआरपीएफ और बीएसएफ के उन जवानों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने नक्सल विरोधी और आतंकवाद विरोधी अभियानों में वीरता का परिचय दिया था, जिसमें शौर्य चक्र और वीरता पदक विजेताओं को विशेष रूप से याद किया गया।
आसमान में तिरंगे का रंग और पटेल को नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन किया। इस दौरान भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण एरोबैटिक टीम ने अपने हैरतअंगेज करतबों से आसमान को तिरंगे के रंगों से सराबोर कर दिया।
सरदार पटेल: एकीकरण के प्रणेता
प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट में सरदार पटेल को भारत के एकीकरण की ‘प्रेरक शक्ति’ और ‘प्रेरणा का शाश्वत स्रोत’ बताया। उन्होंने कहा, “भारत सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करता है। वे भारत के एकीकरण के पीछे प्रेरक शक्ति थे, जिन्होंने अपने प्रारंभिक वर्षों में राष्ट्र के भाग्य को आकार दिया। राष्ट्रीय अखंडता, सुशासन और जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। हम एकजुट, मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के उनके दृष्टिकोण को कायम रखने के अपने संकल्प की पुनः पुष्टि करते हैं।”
यह सर्वविदित है कि सरदार पटेल को ‘भारत का लौह पुरुष’ कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने रियासतों के भारत में एकीकरण में एक निर्णायक भूमिका निभाई थी।
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