तंबाकू उत्पादों पर टैक्स का भारी असंतुलन सामने आया है। आंकड़ों के अनुसार, तैयार एफसीवी तंबाकू पर प्रति खुराक 6 रुपये से अधिक का टैक्स वसूला जाता है, जबकि बीड़ी और चबाने वाले उत्पादों पर यह बोझ प्रति इकाई एक पैसे से भी कम है।
उद्योग जगत के अनुमानों ने एक चिंताजनक तस्वीर पेश की है, जिसके मुताबिक भारत अब दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अवैध सिगरेट बाजार बन चुका है। देश में सिगरेट की कुल खपत में इन गैर-कानूनी उत्पादों की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
संगठन ने आगाह किया है कि टैक्स बढ़ने से कानूनी और तस्करी वाले उत्पादों की कीमतों में खाई और चौड़ी होगी। इसका सीधा असर प्रवर्तन प्रयासों पर पड़ेगा और तस्करी को बढ़ावा मिलने से सरकारी राजस्व को भारी चपत लगेगी।
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