हरियाणा पुलिस के भीतर हड़कंप: दो अधिकारियों की आत्महत्या, विभाग की साख पर उठते सवाल
हरियाणा पुलिस महकमे में एक के बाद एक आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर ADGP वाई पूरन कुमार की खुदकुशी के सदमे से विभाग उबरा भी नहीं था, वहीं रोहतक साइबर सेल के ASI संदीप कुमार ने भी अपनी जान दे दी। यह सिलसिला विभाग की आंतरिक कार्यप्रणाली और उसकी साख पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।
ADGP पूरन कुमार: जातिवाद के आरोप और परिवार का इंसाफ का इंतजार
7 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर ADGP वाई पूरन कुमार ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। अपने सुसाइड नोट में, उन्होंने प्रदेश के DGP शत्रुजीत कपूर सहित 12 वरिष्ठ अधिकारियों पर जातिगत उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। इस घटना ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है, और वे तब तक पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर रहे हैं जब तक कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न हो जाए।
पोस्टमार्टम विवाद: पुलिस ने मांगी कोर्ट की मदद
पूरन कुमार की पत्नी, जो स्वयं एक IAS अधिकारी हैं, ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर पोस्टमार्टम की अनुमति देने से मना कर दिया है। इस बीच, पुलिस ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका तर्क है कि देरी से सबूत नष्ट हो सकते हैं, इसलिए मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जानी चाहिए।
ASI संदीप कुमार: कहानी में आया नया मोड़
वहीं, ASI संदीप कुमार की आत्महत्या ने इस मामले को एक नया और चौंकाने वाला मोड़ दिया है। खुदकुशी से पहले, उन्होंने चार पन्नों का एक विस्तृत सुसाइड नोट और छह मिनट का एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में, उन्होंने IPS वाई पूरन कुमार पर विभाग के भीतर बड़े पैमाने पर जातिवाद फैलाने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के गंभीर आरोप लगाए। ASI का दावा है कि पूरन कुमार अपने चहेतों को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाकर अवैध वसूली करवाते थे।
पूरन कुमार परिवार पर भी लगे भ्रष्टाचार के आरोप
ASI संदीप कुमार ने अपने वीडियो में यह भी दावा किया कि IPS पूरन कुमार का परिवार भी इस भ्रष्टाचार में शामिल था। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तारी के डर से ही IPS अधिकारी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। यह खुलासा पुलिस विभाग के भीतर चल रही अंदरूनी राजनीति और गुटबाजी की ओर इशारा करता है।
दोनों मामले जांच के घेरे में
फिलहाल, पुलिस दोनों ही आत्महत्याओं की समानांतर जांच कर रही है। सरकार ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम सुसाइड नोट, वीडियो और सामने आए आरोपों की सत्यता की गहराई से पड़ताल करेगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस दुखद प्रकरण में हकीकत किसकी ओर है – IPS पूरन कुमार या ASI संदीप कुमार।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


