उच्च न्यायालय ने सीआईआर में ‘तार्किक विसंगतियों’ का हवाला देते हुए गिरफ्तार व्यक्तियों की सूची तलब की

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
2 Min Read
Bengal में SIR में ‘तार्किक विसंगतियों’ की सूची में शामिल लोगों के नाम प्रदर्शित किए जाएं:न्यायालय

उच्चतम न्यायालय का पश्चिम बंगाल निर्वाचन आयोग को निर्देश: ग्रामीण मतदाता सूचियों में त्रुटियों पर कार्रवाई की निगरानी

पश्चिम बंगाल में ग्राम पंचायत चुनावों की पृष्ठभूमि में, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को राज्य के निर्वाचन आयोग (ईसी) को ग्राम पंचायत भवनों, तालुका प्रखंड कार्यालयों और वार्ड कार्यालयों में मतदाता सूची में शामिल “तार्किक विसंगतियों” वाले व्यक्तियों का विवरण प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है।

शीर्ष अदालत ने इस बात पर प्रकाश डाला कि राज्य में लगभग 1.25 करोड़ मतदाता ऐसी सूचियों में हैं जिनमें तार्किक विसंगतियां हैं। ये अनियमितताएं विशेष रूप से 2002 की मतदाता सूची से संतानों के संबंध में पाई गई हैं, जिसमें माता-पिता के नामों में मेल न होना और मतदाता तथा उनके माता-पिता के आयु अंतर में 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक की विसंगति शामिल है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने यह स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से प्रभावित होने वाले लोगों को अपने दस्तावेज या आपत्तियां प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दस्तावेज और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए कार्यालय पंचायत भवनों या ब्लॉक कार्यालयों के भीतर ही स्थापित किए जाएंगे।

न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य सरकार पंचायत भवनों और प्रखंड कार्यालयों में तैनाती के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को पर्याप्त श्रमशक्ति उपलब्ध कराएगी। पीठ ने कहा, “इस संबंध में, हम निर्देश देते हैं कि सुचारू कामकाज के लिए प्रत्येक जिले में ईसीआई या राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए जारी किए गए निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करे।”

अदालत ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भी कानून-व्यवस्था की स्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि सभी गतिविधियां सुचारू रूसे पूरी हो सकें।

उच्चतम न्यायालय यह निर्देश पश्चिम बंगाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया में मनमानेपन और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version