यहाँ दिया गया लेख आपकी इच्छानुसार एक नया, आकर्षक और रोचक रूप में प्रस्तुत है:
हिमाचल में बर्फीली चादर: भारी हिमपात से 565 सड़कें बंद, आवागंग ठप, खेतों के लिए वरदान
हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियां इस समय बर्फ की सफेद चादर में लिपटी हुई हैं, जहां मौसम ने अपना कहर बरपाया है। भारी बर्फबारी के कारण राज्य की आवागंग पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, भारी हिमपात के चलते राज्यभर में कुल 565 सड़कें बंद कर दी गई हैं, जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। इसके अलावा, बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई है और करीब 4,800 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं, जिससे हजारों घरों में अंधेरा छा गया है।
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राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा असर जनजातीय जिला लाहौल और स्पीति में देखने को मिला है, जहां 292 सड़कें बंद पड़ी हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-03 (लेह-मनाली) और राष्ट्रीय राजमार्ग-505 (काजा-ग्राम्फू) शामिल हैं, जो यातायात के लिए पूरी तरह से बंद हैं। राज्य के अन्य हिस्सों में चंबा में 105, ऊना में 70, मंडी में 64, सिरमौर में 20, कुल्लू में 9, कांगड़ा में 4 और सोलन में 1 सड़क बंद होने से लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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बिजली आपूर्ति पर भी बर्फबारी का गहरा असर पड़ा है। राज्यभर में कुल 4,797 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं, जिनमें सोलन (1,856), मंडी (901), कुल्लू (682), चंबा (659), सिरमौर (624), लाहौल-स्पीति (53), किन्नौर (20) और ऊना (2) शामिल हैं। मौसम विभाग ने 24 और 25 जनवरी को राज्य के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी जारी रहने का अनुमान जताया है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
प्रमुख पर्यटन स्थलों का हाल: जाम और शीतलहर
राजधानी शिमला और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में शुक्रवार सुबह से ही रुक-रुक कर बर्फबारी जारी है, जिससे पर्यटकों को परेशानी हुई।
मनाली में स्थिति यह है कि मनाली-कुल्लू राजमार्ग पर फिसलन के कारण लगभग 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया। कई पर्यटक अपनी गाड़ियां छोड़कर पैदल ही शहर की ओर जाते दिखे। वहीं, शिमला के कुफरी और नारकंडा जैसे क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के बाद सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे चंडीगढ़ की ओर जाने वाली गाड़ियों की रफ्तार थम गई है। लाहौल-स्पीति के ताबो में न्यूनतम तापमान -8.7°C तक गिर गया है, जबकि शिमला और मनाली में तापमान शून्य के करीब बना हुआ है।
किसानों और बागवानों के लिए राहत
भारी व्यवधानों के बावजूद, यह बर्फबारी प्रदेश के सेब बागवानों और किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि सेब की फसल के लिए आवश्यक ‘चिलिंग आवर्स’ (Chilling Hours) और मिट्टी में नमी के लिए यह हिमपात बहुत जरूरी था।
IMD का अलर्ट और आगामी चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है:
- ऑरेंज अलर्ट: कुल्लू, चंबा और लाहौल-स्पीति के लिए भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है।
- नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): मौसम विभाग के अनुसार, 26 जनवरी 2026 से एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे 28 जनवरी तक फिर से भारी बर्फबारी और बारिश हो सकती है।
- प्रशासन की सलाह: पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और फिसलन भरी सड़कों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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