लौह पुरुष सरदार पटेल और इंदिरा गांधी: कांग्रेस की विचारधारा के वे स्तंभ, जिन्हें देश आज याद कर रहा है
31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाड में जन्में सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वतंत्र भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे। 15 अगस्त, 1947 को देश के आजाद होने के बाद, 562 रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने जैसा अभूतपूर्व कार्य उन्होंने ही संपन्न किया। आज पूरा राष्ट्र उन्हें कृतज्ञता से नमन कर रहा है।
कांग्रेस की नस-नस में पटेल का योगदान
कांग्रेस पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि और भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर, शुक्रवार को उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पार्टी ने उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया।
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘शक्ति स्थल’ पहुंचकर इंदिरा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
सरदार पटेल को नमन करते हुए, श्री खरगे ने कहा, “वे हमारे दिलों में बसते हैं और उनके विचार कांग्रेस की विचारधारा का अटूट हिस्सा हैं।”
‘लौह पुरुष’ को 150वीं जयंती पर श्रद्धा सुमन
श्री खरगे ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश में लिखा, “संपूर्ण देश को एकता और अखंडता के सूत्र में पिरोने वाले भारत के लौह पुरुष, देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और हमारे प्रेरणास्रोत सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 150वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन।”
पार्टी अध्यक्ष ने आगे कहा, “पंडित नेहरू स्वयं पटेल को ‘भारत की एकता का संस्थापक’ कहते थे। आज उनकी 150वीं जयंती हम पूरे देश में उल्लास से मना रहे हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा, “सरदार साहेब कांग्रेस के अध्यक्ष थे। उनके नेतृत्व में कराची कांग्रेस में मौलिक अधिकारों पर जो प्रस्ताव पारित हुए थे, वह भारतीय संविधान की आत्मा हैं।”
श्री खरगे ने अपने संदेश को दोहराते हुए कहा, “सरदार पटेल हमारे दिलों में बसे हैं और उनके विचार, जिसमें आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना पर बल दिया गया है, वे कांग्रेस पार्टी की विचारधारा का अटूट हिस्सा हैं।”
इंदिरा गांधी: साहस और दूरदर्शिता की प्रतिमूर्ति
इंदिरा गांधी को याद करते हुए, श्री खरगे ने ‘एक्स’ पर एक मार्मिक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा, “भारत की एकता व अखंडता को संजोये रखने के लिए, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, कुशल नेतृत्व व दूरदर्शिता से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और एक सशक्त प्रगतिशील भारत का निर्माण किया, साहस की ऐसी प्रतिमूर्ति, भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री व हमारी आदर्श, इंदिरा गांधी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।”
शहादत की 41वीं बरसी पर इंदिरा जी को सलाम
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इंदिरा गांधी को याद करते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “आज देश इंदिरा गांधी को याद कर उनकी शहादत की 41वीं बरसी पर श्रद्धांजलि दे रहा है। वह असाधारण धैर्य, साहस, दृढ़संकल्प वाली व्यक्ति थीं।”
उन्होंने एक ऐतिहासिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा, “13 अगस्त 1977 को बारिश वाला दिन था, जब उन्होंने पहले कार, जीप और ट्रैक्टर से यात्रा की और फिर हाथी पर सवार होकर बिहार के सुदूर गांव बेलछी तक गईं। जातिगत अत्याचारों से तबाह हुए परिवारों तक इस असाधारण और सहज संपर्क ने उनके राजनीतिक पुनरुत्थान का मार्ग प्रशस्त किया।”
श्री रमेश ने इस संयोग का भी जिक्र किया, “एक दिन बाद वह पटना में अपने सबसे कटु राजनीतिक आलोचक और विरोधी जयप्रकाश नारायण से मिलीं। दोनों ने चार दशकों की अवधि में अपने गहरे व्यक्तिगत जुड़ाव को याद करते हुए एक घंटे संवाद किया था।”
‘अखंड भारत’ के शिल्पी पटेल
सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ था। भारत के पहले गृहमंत्री के रूप में, स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश की 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण का श्रेय उनकी सियासी और कूटनीतिक क्षमता को दिया जाता है।
देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी
देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर, 1917 को प्रयागराज में हुआ था। वह जनवरी 1966 से मार्च 1977 तक प्रधानमंत्री रहीं। इसके बाद, 1980 में वे पुनः प्रधानमंत्री बनीं। उनकी 31 अक्टूबर, 1984 को उनके अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दी गई थी
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