वंचितों के अधिकारों के लिए लोहिया का संघर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सदैव एक मार्गदर्शक प्रकाश

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लोकनायक डॉ. राम मनोहर लोहिया को सीएम योगी और उपमुख्यमंत्रियों ने किया नमन: ‘सप्त क्रांति’ के सूत्रधार का संघर्ष रहेगा पथ प्रदर्शक

लखनऊ: गैर-कांग्रेसवाद की मशाल जलाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम योगी ने कहा कि वंचित वर्ग के हक में डॉ. लोहिया का अनवरत संघर्ष भारतीय लोकतंत्र के लिए एक अमूल्य धरोहर और सदैव मार्गदर्शक रहेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से एक मार्मिक पोस्ट साझा करते हुए कहा, “‘सप्त क्रांति’ के प्रणेता, प्रखर समाजवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा डॉ. राम मनोहर लोहिया को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन!”

उन्होंने आगे लिखा, “गरीब, किसान, श्रमिक और समाज के सबसे पिछड़े वर्ग के उत्थान तथा सामाजिक न्याय के लिए आपका (डॉ. लोहिया का) संघर्ष भारतीय लोकतंत्र के पथ पर चलने वालों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।”

वहीं, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी ‘एक्स’ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! डॉ. लोहिया जी ने सशक्त लोकतंत्र की नींव रखने हेतु अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर सामाजिक न्याय और समानता की एक अद्वितीय मिसाल कायम की।”

एक अन्य उप मुख्यमंत्री, ब्रजेश पाठक, ने भी डॉ. लोहिया को याद करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, महान राजनीतिक विचारक एवं समाजवादी नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।”

यह उल्लेखनीय है कि डॉ. लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को हुआ था और उनका देहावसान 12 अक्टूबर 1967 को हुआ। एक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में, वे गांधीवादी विचारों के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने समाज के वंचित समुदायों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अथक प्रयास किए। साथ ही, कांग्रेस के उस समय के प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए विभिन्न विपक्षी दलों को एकजुट करने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डिस्क्लेमर: यह लेख प्रभासाक्षी द्वारा संपादित नहीं किया गया है। यह पीटीआई-भाषा की फीड से सीधे प्रकाशित किया गया है।


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