AMN. सुप्रीम कोर्ट ने आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती के दौरान पर्यवेक्षकों के रूप में केवल केंद्र सरकार और पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम) के कर्मचारियों की तैनाती के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की आपत्ति को खारिज कर दिया।
यह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी के लिए बड़ा झटका है. चुनाव आयोग के खिलाफ टीएमसी की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. देश की शीर्ष अदालत ने मामले में दखल देने से इनकार कर दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि टीएमसी का यह तर्क कि केंद्र सरकार का कोई कर्मचारी अनिवार्य रूप से उनके खिलाफ जाएगा, गलत है. गलती दरअसल इसी धारणा में है कि इसके बजाय तृणमूल को सरकारी कर्मचारियों पर कुछ भरोसा करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा है कि हमें उनसे (चुनाव आयोग) न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। आपको बता दें कि इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता हाई कोर्ट में अपील की थी. हाई कोर्ट ने इस आपत्ति को खारिज कर दिया था. इसके बाद टीएमसी ने मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
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