मणिपुर में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई: 53 एकड़ अवैध अफीम की फसल नष्ट, सात झोपड़ियां भी खाक
मणिपुर: मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सुरक्षा बलों ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी मुहिम तेज करते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार को कुबरू संरक्षित वन्य क्षेत्र के फाइलेंगकोट/माखन पहाड़ी इलाकों में छह अलग-अलग जगहों पर सुरक्षा बलों और कांगपोकपी वन प्रभाग की संयुक्त टीम ने लगभग 53 एकड़ में फैली अवैध अफीम की फसल को नष्ट कर दिया। इस दौरान, अफीम की खेती करने वाले किसानों की सात झोपड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया। यह जानकारी पुलिस ने गुरुवार को साझा की।
हाल ही में राजभवन में आयोजित ‘नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर’ (एनसीओआरडी) की 10वीं राज्य स्तरीय बैठक में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने राज्य में बढ़ते नशीले पदार्थों के कारोबार, अवैध अफीम और भांग की खेती तथा मादक द्रव्यों के दुरुपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। इस बैठक में राज्यपाल ने राज्य की सुरक्षा एजेंसियों को मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने, सीमाओं की निगरानी को और अधिक मजबूत करने तथा संवेदनशील जिलों व ट्रांजिट मार्गों पर खुफिया जानकारी पर आधारित अभियानों को गति देने के निर्देश दिए थे।
इससे पहले, 16 नवंबर को मणिपुर में गैर-कानूनी नशीली दवाओं की खेती के खिलाफ हुई एक बड़ी कार्रवाई में, सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ दिनों में कांगपोकपी और उखरुल जिलों में संयुक्त अभियानों के माध्यम से 470 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले अफीम के बागानों को साफ कर दिया था। राज्य पुलिस, असम राइफल्स और सीआरपीएफ की एक संयुक्त टीम ने कांगपोकपी के न्यू कीथेलमनबी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले लोइबोल खुल्लेन गांव में लगभग 20 एकड़ में फैले अफीम के खेतों को उखाड़ फेंका था। उस समय मौके पर नमक की दो बोरियां भी जब्त की गई थीं, जबकि स्प्रे पंप, हर्बिसाइड, पाइप और खेती के अन्य उपकरण मौके पर ही नष्ट कर दिए गए थे।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


