मणिपुर में तनाव: छात्र नेताओं पर हमले के मामले में पांच गिरफ्तार
मणिपुर के काकचिंग जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ चार छात्र नेताओं पर हुए हमले के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि काकचिंग पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुक्रवार को यह गिरफ्तारी की गई। इस मामले में दो वाहनों को भी जब्त किया गया है, जिनका सत्यापन किया जा रहा है।
घटना का विवरण:
पुलिस के अनुसार, चंदेल जिले के ये चार छात्र नेता 30 अक्टूबर की रात को काकचिंग-लामखाई-पल्लेल रोड पर बिजॉयपुर के निकट अज्ञात हमलावरों का शिकार हुए थे। हमले के बाद से ही पुलिस सक्रिय रूप से मामले की जांच कर रही थी।
गिरफ्तार आरोपी:
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी पल्लेल थोंग वांगमा और पल्लेल चंदेल लामखाई इलाकों के निवासी बताए जा रहे हैं। उनकी पहचान और हमले में उनकी भूमिका का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है।
पृष्ठभूमि और समुदाय की प्रतिक्रिया:
इस घटना से एक दिन पहले, सिरती उपा रूह (मोनसांग जनजाति संघ) ने अज्ञात व्यक्तियों द्वारा चार मोनसांग जनजाति छात्र नेताओं पर किए गए इस “हमले” की कड़ी निंदा की थी। यह घटना राज्य में चल रही जातीय हिंसा के बीच हुई है, जिसने पहले ही कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है।
मणिपुर की वर्तमान स्थिति:
यह घटना मणिपुर में मई 2023 से जारी मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा के व्यापक संदर्भ में देखी जा रही है। इस हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद, केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया है। राज्य विधानसभा का कार्यकाल, जो 2027 तक था, उसे भी निलंबित कर दिया गया है। इस तरह की घटनाएं राज्य में शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयासों के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती हैं।
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