मराठा आरक्षण: मनोज जरांगे का चुनावी अल्टीमेटम, ‘विरोधियों को मिलेगा कड़ा सबक’
मुंबई: मराठा आरक्षण के पुरोधा मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। शुक्रवार को उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि नौकरियों और शिक्षा में मराठों के लिए आरक्षण का विरोध करने वाले किसी भी नेता को आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में जनता का समर्थन नहीं मिलना चाहिए। जरांगे ने चेतावनी दी कि समुदाय ऐसे नेताओं को कभी माफ नहीं करेगा जो उनकी जायज मांगों के विरुद्ध खड़े होंगे।
ओबीसी श्रेणी के तहत मराठों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर कई सफल आंदोलन चला चुके जरांगे ने कहा कि आरक्षण के मोर्चे पर ‘ऐतिहासिक जीत’ हासिल करने के बाद, अब मराठा युवाओं का ध्यान उद्यमिता की ओर केंद्रित होना चाहिए।
मुंबई हवाई अड्डे के बाहर पत्रकारों से बातचीत में जरांगे ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा, “हम मराठा आरक्षण का विरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति को चुनाव जीतने नहीं देंगे। उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा, तभी वे मराठा समुदाय की एकजुट शक्ति को समझ पाएंगे।”
उन्होंने अपनी बेबाकी जारी रखते हुए कहा, “मुझे धमकियों से डर नहीं लगता। कुछ लोग मुझे गाड़ी से कुचलने की बातें करते हैं, लेकिन मैं अकेला नहीं हूं। जहां भी मैं महाराष्ट्र में जाता हूं, मेरे लाखों समर्थक मेरे साथ होते हैं।”
जरांगे का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में इसका गहरा असर देखने को मिल सकता है।
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