RSS के शताब्दी वर्ष में मोहन भागवत का अमेरिका दौरा वैश्विक स्तर पर चर्चा में है। न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाला ‘वननेस सेलिब्रेशन’ भारतीय मूल के लोगों, युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर ला रहा है।
अमेरिका दौरे पर मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के मौके पर संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत अमेरिका दौरे पर हैं। शनिवार, 29 अगस्त को वह न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित ‘वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में अमेरिका के 39 राज्यों और करीब 850 शहरों से 5,000 से अधिक प्रतिनिधियों के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में यह आयोजन संघ के वैश्विक संपर्क अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समरसता और विश्व बंधुत्व पर संदेश
कार्यक्रम में मोहन भागवत परस्पर समरसता, विश्व बंधुत्व और एकात्मकता जैसे विषयों पर संबोधित करेंगे। कार्यक्रम अमेरिकी समय के अनुसार दोपहर 2 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगा।
भारतीय समय के हिसाब से यह आयोजन 29 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे शुरू होकर 30 अगस्त की सुबह तक चलेगा। इसमें भारतीय मूल के लोगों के साथ युवा, कारोबारी, सामाजिक और बौद्धिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ संवाद की योजना है।
भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच
आरएसएस के शताब्दी वर्ष में आयोजित इस कार्यक्रम को सिर्फ एक प्रवासी भारतीय कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसके जरिए भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और विश्व बंधुत्व से जुड़े विचारों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने की कोशिश भी दिखाई देती है।
संघ की ओर से कहा गया है कि आयोजन का उद्देश्य अलग-अलग धर्मों, संस्कृतियों और आस्थाओं से जुड़े लोगों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है।
न्यूयॉर्क मेयर की आपत्ति से बढ़ी चर्चा
कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी की आपत्ति ने भी इसे सुर्खियों में ला दिया है। ममदानी ने कहा कि वह आरएसएस प्रमुख के कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आयोजन निजी होने के कारण न्यूयॉर्क प्रशासन के पास इसे रद्द करने का अधिकार संभवतः नहीं है। इस बयान के बाद कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस और तेज हुई है।
आरएसएस ने बताया संवाद का मंच
आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी सुनील आंबेकर ने कार्यक्रम को खुली बातचीत की भावना से आयोजित बताया है। उनका कहना है कि संघ को समझने के इच्छुक लोगों को इस चर्चा में शामिल होने का अवसर दिया गया है।
यह रुख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका में भारतीय समुदाय की संख्या और सामाजिक प्रभाव लगातार बढ़ा है। ऐसे आयोजनों के जरिए संगठन अपनी विचारधारा और सामाजिक दृष्टिकोण को प्रवासी भारतीयों के बीच सामने रखता है।
शताब्दी वर्ष में वैश्विक विस्तार
आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अमेरिका में होने वाला यह आयोजन संगठन के अंतरराष्ट्रीय संपर्क अभियान का हिस्सा है। अब सबकी नजर मोहन भागवत के संबोधन पर है कि वह भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकता और विश्व बंधुत्व को किस दृष्टिकोण से वैश्विक मंच पर रखते हैं।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन का यह मंच इसलिए भी खास है क्योंकि यहां होने वाला संवाद भारत की सीमाओं से बाहर संघ की सार्वजनिक उपस्थिति और वैश्विक पहुंच को एक नई तस्वीर दे सकता है।
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