नवी मुंबई मनपा चुनाव 2026: बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, वार्ड 17A के दंगल पर लगी रोक!
महाराष्ट्र: सूबे में चुनावी पारा चरम पर है। आगामी 15 जनवरी को 29 नगरपालिकाओं के लिए मतदान होना है और 16 जनवरी को नतीजे सबके सामने होंगे। हालांकि, इस बार का चुनावी रण काफी गरमाया हुआ है। लगभग 70 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने पर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई है, और मामला अब अदालत की चौखट तक जा पहुँचा है।
अदालती हस्तक्षेप और भाजपा उम्मीदवार को राहत
बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार, 08 जनवरी 2026 को एक बड़ा कदम उठाते हुए नवी मुंबई नगर निगम के वार्ड 17A (वाशी) में होने वाले चुनाव पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही, अदालत ने भाजपा उम्मीदवार नीलेश भोजने का नामांकन रद्द करने वाले निर्वाचन अधिकारी के आदेश को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
क्या था नामांकन रद्द होने का कारण?
बता दें कि निर्वाचन अधिकारी ने महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 10(1डी) का हवाला देते हुए भोजने का पर्चा खारिज किया था। आरोप था कि उनकी संपत्ति पर कथित रूप से अनधिकृत निर्माण हुआ है।
अदालत की सख्त टिप्पणी: “मनमाना प्रयोग”
मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की पीठ ने इस मामले पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा, “निर्वाचन अधिकारी ने भोजने के नामांकन को खारिज कर प्रथम दृष्टया शक्तियों का अवैध और मनमाना प्रयोग किया है।” कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया कि वार्ड 17A में 15 जनवरी को होने वाले चुनाव और भोजने के नामांकन निरस्तीकरण पर रोक जारी रहेगी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल और बदली रणनीति
उच्च न्यायालय के इस फैसले से 15 जनवरी के मतदान पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं, लेकिन नीलेश भोजने के लिए यह एक बड़ी न्यायिक जीत मानी जा रही है। दरअसल, नामांकन रद्द होने के बाद भाजपा के सामने वार्ड 17A में बड़ा संकट खड़ा हो गया था। पार्टी ने तुरंत रणनीति बदलते हुए निर्दलीय उम्मीदवार दर्शन भोईर को अपना समर्थन दिया और उनका भाजपा में प्रवेश कराया। भोईर ने भी पार्टी की विचारधारा के साथ चलने का संकल्प लिया है।
अब इस वार्ड में भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच सीधी और रोमांचक टक्कर देखने को मिल रही है। हालांकि, कोर्ट से मिली इस राहत के बाद वार्ड के चुनावी भविष्य को लेकर अनिश्चितता और उत्सुकता दोनों ही बढ़ गई हैं।
चुनावी आंकड़े और सार्वजनिक अवकाश
नवी मुंबई मनपा में नामांकन पत्रों की जांच का काम बुधवार को पूरा हुआ। कुल 956 नामांकनों में से 839 वैध पाए गए, जबकि 117 को अवैध घोषित किया गया। नेरूल में 28 और घणसोली में 39 अर्जियां रद्द हुईं, जबकि वाशी में कड़ी तैयारी के चलते मात्र एक आवेदन खारिज हुआ। अब सभी की निगाहें नामांकन वापसी की प्रक्रिया पर टिकी हैं।
इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर मुंबई सहित 29 चुनावी क्षेत्रों में 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, ताकि सभी मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
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