मुंबई पॉलिटिक्स: नवनीत राणा का नया धमाका, 19 बच्चों के हवाले से हिंदुओं को दी ‘खास’ सलाह, मचा बवाल!
बीजेपी नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा एक बार फिर अपने तीखे और विवादास्पद तेवरों की वजह से सुर्खियों के केंद्र में हैं। विवादों से पुराना नाता रखने वाली राणा ने इस बार हिंदुओं से कम से कम चार बच्चे पैदा करने की अपील कर एक नई बहस छेड़ दी है। एक मुस्लिम मौलाना के पुराने बयान का हवाला देते हुए उन्होंने तंज कसा कि अगर वे लोग 19 बच्चे पैदा कर रहे हैं और चार पत्नियां रख रहे हैं, तो हमें भी कम से कम चार बच्चे पैदा करने ही चाहिए। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हंगामा खड़ा हो गया है और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का सैलाब उमड़ पड़ा है।
नवनीत राणा का विवादित बयानों से चोली-दामन का साथ रहा है। इस बार वह जनसंख्या के मुद्दे पर अपनी सलाह को लेकर चौतरफा घिरती नजर आ रही हैं। राणा अपने भाषणों में अक्सर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चर्चित नारे ‘बंटोगे तो कटोगे’ का जिक्र कर हिंदुत्व की राजनीति को धार देती रहती हैं।
मुंबई पॉलिटिक्स: विवादों की ‘फेवरेट’ रही हैं नवनीत राणा
यह पहली बार नहीं है जब नवनीत राणा ने अपने बयानों से आग लगाई हो। इससे पहले अमरावती में स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने धर्म ध्वज को लेकर बेहद तल्ख टिप्पणी की थी। उन्होंने खुले मंच से कहा था कि जो कोई भी धर्म ध्वज की ओर उंगली उठाएगा, उसकी उंगलियां काट दी जानी चाहिए।
उसी चुनावी रैली में उन्होंने ‘बंटोगे तो कटोगे’ के संदेश को आगे बढ़ाते हुए कहा था कि इस बार न हम बंटेंगे और न ही कटेंगे, बल्कि एकजुट होकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। राणा ने यह भी दावा किया था कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में धर्म ध्वज फहराया, तो पूरी दुनिया में सनातन धर्म की प्रतिष्ठा और शक्ति की गूंज सुनाई दी।
मॉडलिंग की ग्लैमरस दुनिया से संसद की दहलीज तक: नवनीत राणा का सफर
– नवनीत राणा ने अपने करियर की सुनहरी शुरुआत ग्लैमर और मॉडलिंग की दुनिया से की थी। इसके बाद उन्होंने मराठी सिनेमा का रुख किया और साल 2006 से 2013 के बीच कई चर्चित फिल्मों में अभिनय किया।
– अभिनय की दुनिया में नाम कमाने के बाद उन्होंने राजनीति के अखाड़े में कदम रखा। साल 2019 में उन्होंने अमरावती लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर शानदार जीत दर्ज कर संसद में अपनी धमाकेदार एंट्री की थी।
– साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और अमरावती से बीजेपी के टिकट पर मैदान में उतरीं। हालांकि, इस बार उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार बलवंत बसवंत वांखेड़े के हाथों चुनावी शिकस्त का सामना करना पड़ा।
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