भारत की विमानन क्षमता में एक नया अध्याय: सैफरान का अत्याधुनिक एमआरओ संयंत्र खुला
नई दिल्ली। देश के नागर विमानन क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं को नई उड़ान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को फ्रांसीसी विमानन दिग्गज सैफरान के अत्याधुनिक विमान इंजन रखरखाव, मरम्मत और देखभाल (एमआरओ) संयंत्र का ऑनलाइन माध्यम से उद्घाटन किया। हैदराबाद में स्थापित सैफरान एयरक्राफ्ट इंजन सर्विसेज इंडिया (एसएईएसआई) की यह इकाई वर्ष 2026 से पूरी तरह परिचालन में आ जाएगी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में 1,300 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश किया गया है। यह संयंत्र विशेष रूप से “लीप” इंजन की सर्विसिंग पर केंद्रित होगा, जिनका उपयोग एयरबस ए320 निओ और बोइंग 737 मैक्स जैसे आधुनिक वाणिज्यिक विमानों में किया जाता है। लीप इंजनों का निर्माण सीएफएम इंटरनेशनल द्वारा किया जाता है, जो स्वयं सैफरान एयरक्राफ्ट इंजन और जीई एयरोस्पेस के बीच एक सफल संयुक्त उपक्रम है।
भारत, दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक है, और इस क्षेत्र में घरेलू एयरलाइनों की बढ़ती मांग को देखते हुए, 1,500 से अधिक विमानों का ऑर्डर दिया जा चुका है। ऐसे में, एसएईएसआई का यह नया संयंत्र देश की विमानन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने की उम्मीद है।
जब यह संयंत्र अपनी पूर्ण क्षमता हासिल कर लेगा, तो यह प्रति वर्ष 300 लीप इंजनों की सर्विसिंग करने में सक्षम होगा। यह न केवल देश की महत्वपूर्ण विमानन अवसंरचना को मजबूत करेगा, बल्कि स्वदेशी क्षमताओं के विकास को भी बढ़ावा देगा, जिससे भारत विमानन रखरखाव के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाएगा।
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