तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर भाजपा और अन्नाद्रमुक के गठजोड़ की सरगर्मी तेज हो गई है। बीते दिनों आलाकमान से नाराजगी और नेतृत्व के अहंकार को लेकर एनडीए से किनारा करने वाले अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) के प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने एक बार फिर गठबंधन की चादर में खुद को लपेट लिया है।
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की दहलीज पर यह सियासी उलटफेर पार्टियों की रणनीति को दर्शाता है। टीटीवी दिनाकरन ने अपनी वापसी को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने पिछले दिनों की सारी नाराजगी और ‘विश्वासघात’ (कथित कड़वाहट) को भुलाते हुए कहा कि वह "अम्मा (जे जयललिता) की सरकार" को वापस लाना चाहते हैं। दिनाकरन की यह तेवर तब और निखरकर सामने आई जब उन्होंने राज्य की मौजूदा डीएमके सरकार को रोकने के लिए खुद को एक सिपाही के रूप में पेश किया।
बीजेपी के भरोसे और केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति
इस गठबंधन को नई ताकत देने के लिए केंद्रीय मंत्री और तमिलनाडु के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने भी मोर्चा संभाला। उन्होंने दिनाकरन की वापसी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि "एनडीए परिवार में आपका स्वागत है।" पीयूष गोयल ने साफ किया कि एनडीए का लक्ष्य तमिलनाडु की जनता पर हावी हो रही कथित "भ्रष्ट और अक्षम" डीएमके सरकार को उखाड़ फेंकना है।
उनके भाषण का केंद्रबिंदु तमिल गौरव रहा। गोयल ने जोर देकर कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि तमिल भाषा और संस्कृति विश्व पटल पर और भी बुलंदी से चमके। साथ ही, राज्य के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने और सामाजिक न्याय स्थापित करने का वादा किया गया।
पीएम मोदी की विशाल रैली की तैयारी
इस सियासी हलचल के बीच भाजपा ने अपने चुनावी अभियान को और धार देने की तैयारी शुरू कर दी है। 23 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के चेंगलपट्टू जिले के मदुरंथकम में एक भव्य जनसभा को संबोधित करेंगे। यह रैली आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए के घोषणा पत्र का शंखनाद मानी जा रही है।
इस विशाल रैली में पीएम मोदी के साथ एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी, पार्टी के वरिष्ठ नेता जीके वासन, जॉन पांडियन और गठबंधन के अन्य सहयोगी भी मौजूद रहेंगे। यह आयोजन एनडीए की एकजुटता और राज्य में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की कवायद होगी।
त्रिकोणीय संघर्ष की बिसात
तमिलनाडु का चुनावी मैदान दिलचस्प मोड़ पर है। यहां एनडीए (एआईएडीएमके + बीजेपी + एएमएमके और अन्य) का मुकाबला सत्ताधारी डीएमके-कांग्रेस गठबंधन से होगा। लेकिन इस बार मुकाबला सीधा नहीं है। अभिनेता विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कज़गम’ (टीवीके) का ऐलान करके ताल ठोक दी है।
सियासी पंडितों की मानें तो आगामी 2026 के पहले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिल सकता है, जहां तीनों ही पक्ष अपनी-अपनी सियासी जीत के दावे कर रहें हैं। कमान किसके हाथ लगेगी, यह तो वक्त ही बताएगा, फिलहाल तमिलनाडु की सियासत अपने चरम पर है।
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