हाई बीपी का खतरा: दिल और किडनी को बचाने के लिए भूलकर भी न करें ये गलतियां!

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Health Tips: अनकंट्रोल High BP से हो सकता है Heart और Kidney को नुकसान, इन गलतियों से बचें

सावधान! दवा लेने के बाद भी कम नहीं हो रहा ब्लड प्रेशर? ये ‘साइलेंट किलर’ आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार

आज के दौर में हाई ब्लड प्रेशर सेहत के लिए एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। चिकित्सा शोध बताते हैं कि यदि रक्तचाप (बीपी) निरंतर सामान्य से अधिक बना रहे, तो यह शरीर के लिए किसी ‘टाइम बम’ से कम नहीं है। बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर न केवल आपकी आंखों की रोशनी और किडनी को प्रभावित करता है, बल्कि यह हार्ट, लिवर और तंत्रिका तंत्र को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर्स मरीजों को नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और बिना किसी नागे के दवा लेने की सख्त सलाह देते हैं।

आमतौर पर बीपी की दवा सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों रीडिंग को नियंत्रित रखने में प्रभावी होती है। लेकिन क्या आपके साथ भी ऐसा हो रहा है कि दवा लेने के बावजूद बीपी का स्तर नीचे नहीं आ रहा? अगर हाँ, तो यह लेख आपके लिए है। आइए समझते हैं इस समस्या के पीछे छिपे असली कारणों को।

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आखिर क्यों काबू में नहीं आ रहा आपका ब्लड प्रेशर?

आपकी रोजमर्रा की कुछ छोटी दिखने वाली गलतियाँ दवा के असर को बेअसर कर सकती हैं। खाने में नमक की अधिकता, सुस्त जीवनशैली, बढ़ता वजन, शराब का सेवन या अधूरी नींद—ये सभी कारक ब्लड प्रेशर को कम होने से रोकते हैं। इसके अलावा, कई बार अन्य बीमारियों के लिए ली जा रही दवाएं भी रक्तचाप बढ़ा सकती हैं।

चौंकाने वाली बात यह भी है कि घर पर बीपी नापने का गलत तरीका आपको डरा सकता है और रीडिंग को जरूरत से ज्यादा दिखा सकता है। आइए जानते हैं वे कौन सी आदतें हैं जो आपकी मुश्किलें बढ़ा रही हैं:

नमक का ‘छिपा हुआ’ जाल

जब हम नमक कम करने की बात करते हैं, तो इसका मतलब केवल खाने के ऊपर से नमक डालना नहीं है। असली दुश्मन तो वह ‘छिपा हुआ सोडियम’ है जो नमकीन, पैकेट बंद फूड्स, अचार, पापड़, सॉस और रेडी-टू-ईट मील्स में भारी मात्रा में होता है।

शारीरिक गतिविधियों की कमी, मोटापा और नियमित शराब का सेवन भी दवा के प्रभाव को धीमा कर देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, केवल दवा पर निर्भर रहने के बजाय फिजिकल एक्टिविटी और वेट कंट्रोल के जरिए ही बीपी को जड़ से नियंत्रित किया जा सकता है। जीवनशैली में बदलाव किए बिना दवाएं अपना पूर्ण प्रभाव नहीं दिखा पातीं।

दवाओं के सेवन में लापरवाही

अक्सर लोग दवा लेने के समय में हेरफेर करते हैं या रीडिंग सामान्य आते ही खुद को ‘ठीक’ मानकर दवा बंद कर देते हैं। यह आदत सबसे ज्यादा खतरनाक है। दवा भूल जाना या अनियमित समय पर लेना ब्लड प्रेशर को अनियंत्रित कर देता है।

इतना ही नहीं, कुछ अन्य दवाएं जैसे दर्द निवारक (नेप्रोक्सेन, आइबुप्रोफेन) और कुछ हार्मोनल पिल्स भी बीपी के स्तर को बढ़ा सकती हैं। इसलिए, यह बेहद जरूरी है कि आप अपने डॉक्टर को उन सभी सप्लीमेंट्स और दवाओं की जानकारी दें जो आप ले रहे हैं। बिना चिकित्सकीय परामर्श के अपनी बीपी की दवा की डोज में कभी भी बदलाव न करें।


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