आज के समय में शहरों की जिंदगी काफी भागदौड़ वाली हो गई है। सुबह से लेकर रात तक सड़कों पर गाड़ियों की आवाज सुनाई देती है। कहीं ट्रैफिक का शोर है तो कहीं लोगों की भीड़ और काम का दबाव। ऐसे माहौल में कई बार लोगों का मन करता है कि किसी ऐसी जगह रहा जाए जहां शांति हो और सुकून से समय बिताया जा सके। दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं जिन्हें शांत माहौल और कम शोर के लिए जाना जाता है।
दुनिया के सबसे शांत देशों की चर्चा में आठ देशों के नाम सामने आते हैं। इन जगहों की पहचान वहां के प्राकृतिक माहौल कम भीड़भाड़ और आराम से भरी जिंदगी से जुड़ी हुई है। हालांकि किसी देश को सबसे शांत बताने के लिए यह देखना जरूरी है कि शांति का आकलन किस आधार पर किया गया है। हर देश के लिए शोर का एक जैसा वैश्विक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
शांत माहौल की बात करें तो आइसलैंड जैसे देश अपनी खूबसूरत वादियों खुले प्राकृतिक इलाकों और कम आबादी वाले क्षेत्रों के लिए जाने जाते हैं। यहां पहाड़ झरने और दूर तक फैले प्राकृतिक नजारे लोगों को शहरों की हलचल से दूर होने का एहसास कराते हैं।
इसी तरह न्यूजीलैंड में भी खूबसूरत पहाड़ समुद्र और हरियाली देखने को मिलती है। यहां के कई इलाके प्रकृति के करीब समय बिताने के लिए पसंद किए जाते हैं। कुछ दूसरे देशों में भी छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में शहरों के मुकाबले कम शोर महसूस हो सकता है।
हालांकि शांत देश का मतलब यह नहीं है कि वहां बिल्कुल हॉर्न नहीं बजते या ट्रैफिक नहीं होता। बड़े शहरों में भीड़ और गाड़ियों का शोर वहां भी हो सकता है। इसलिए किसी देश को दुनिया का सबसे शांत देश बताने से पहले उसके आंकड़ों और रैंकिंग के आधार को समझना जरूरी है।
इस तरह की सूचियां उन लोगों के लिए दिलचस्प होती हैं जो घूमने के लिए ऐसी जगह तलाशते हैं जहां प्रकृति के बीच समय बिताया जा सके और रोजमर्रा की भागदौड़ से कुछ राहत मिले। लेकिन किसी देश को नंबर एक बताने के लिए भरोसेमंद स्रोत का होना भी जरूरी है।
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